Varanasi Codeine Syrup Smuggling: वाराणसी पुलिस ने कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए आदित्य जायसवाल नामक आरोपी को गिरफ्तार किया है. आदित्य, इस पूरे नेटवर्क के मास्टरमाइंड शुभम जायसवाल का मौसेरा भाई बताया जा रहा है. उसकी दुकान *स्वास्तिक फार्मा* सप्तसागर दवा मंडी में स्थित है और वह इसे करीब सात-आठ साल से चला रहा था.
फर्जी कंपनियों के जरिए कारोबार
पुलिस जांच में सामने आया कि शुभम जायसवाल के पिता भोला प्रसाद जायसवाल ने रांची में *शैली ट्रेडर्स* नाम से कंपनी खोली थी, जिसकी देखरेख शुभम और उनके पिता करते थे. करीब दो साल पहले शुभम ने अपने मौसेरे भाई आदित्य के साथ मिलकर कई फर्जी फर्में बनाई थीं. इनका इस्तेमाल सिर्फ टैक्स इनवॉइस और ई-बिल बनाने के लिए होता था ताकि फेंसिडिल कफ सिरप को कागजों पर दिखाकर असल में अन्य जगहों पर सप्लाई कर ज्यादा मुनाफा कमाया जा सके. इन्हीं फर्मों में से एक का नाम *शिव इंटर प्राइजेज* था.
पूछताछ में कबूलनामे
गिरफ्तार आदित्य ने पूछताछ में बताया कि शुभम उसका मौसी का बेटा है और भोला प्रसाद उसका मौसा. दोनों ने मिलकर दवा का व्यापार करने और पैसा कमाने की योजना बनाई थी. आदित्य को पूरी जानकारी थी कि यह कारोबार प्रतिबंधित कफ सिरप की कालाबाजारी से जुड़ा है. उसने माना कि वे लोग हर काम लिखित और कागजों पर करते थे ताकि किसी को शक न हो.
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बैंक में कैश जमा करने का काम
आदित्य ने यह भी स्वीकार किया कि शुभम उसे नगद पैसा देता था, जिसे वह इंडियन बैंक की पीली कोठी शाखा में जाकर जमा करता था. इसी दौरान एक बार उसने गलती से बैंक स्लिप पर अपना नाम और मोबाइल नंबर लिख दिया, जिससे पुलिस तक उसकी पहचान पहुंच गई और वह पकड़ा गया.
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-भारत एक्सप्रेस
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