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पश्चिम बंगाल में हिंदू-बस्तियों में किए गए हमलों के विरोध में बूंदी की सड़कों पर उतरे विश्व हिंदू परिषद-बजरंग दल

पश्चिम बंगाल में हिंदुओं पर हिंसा के विरोध में वीएचपी और बजरंग दल ने बूंदी में प्रदर्शन कर राष्ट्रपति शासन की मांग की. ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि आंदोलन तेज होगा.

Bajrang Dal

बजरंग दल

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) शासित पश्चिम बंगाल में हिंदुओं के खिलाफ हुई हिंसा के विरोध में विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और बजरंग दल ने शनिवार को देशव्यापी प्रदर्शन किया. राजस्थान के बूंदी में भी प्रदर्शन का असर देखने को मिला. बूंदी वीएचपी के सदस्यों ने राष्ट्रपति के नाम ज‍िला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू करने की मांग की और मांग नहीं मानने पर प्रदर्शन और तेज करने की चेतावनी दी.

विश्व हिंदू परिषद बूंदी के सदस्य पीतांबर शर्मा ने मीडिया से बात करते हुए कहा, “पश्चिम बंगाल में हिंदुओं पर जिस तरीके से अत्याचार किया जा रहा है. लोगों को मारा-काटा जा रहा है, हिंदुओं की दुकानों को चिन्हित करके जलाया जा रहा है. इसके विरोध में देशभर में विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल की तरफ से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन दे रहे हैं.”

जल्द से जल्द पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू हो

अपनी मांग के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, “समस्त हिंदू समाज, विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल की मांग है कि जल्द से जल्द पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लागू हो. वहां पर जिस तरीके से हिंदू समाज के लोगों का पलायन हो रहा है, उसे रोका जाए. हमारी मांग पूरी नहीं होगी, तो संगठन के शीर्ष नेतृत्‍व से जो आदेश आएगा, उसके अनुसार रणनीति बनाई जाएगी.”

‘कोई विधेयक पास होता है, तो सर्वसम्मति से होता है’

बंगाल में हुई हिंसा का विरोध जताते हुए उन्होंने कहा, “संसद से जब कोई विधेयक पास होता है, तो वो सर्वसम्मति से होता है. पिछली सरकारों में भी कई विधेयक पास हुए, लेकिन कभी भी ऐसा विरोध देखने को नहीं मिला. वक्फ अधिनियम को लेकर मुस्लिम समाज को गलत तरीके से भड़काया जा रहा है.”

प्रदर्शन में शामिल सुरेश जाट ने बताया, “पश्चिम बंगाल में ममता सरकार द्वारा सनातन को मानने वाले हिंदुओं पर जो अत्याचार किया जा रहा है, उसके विरोध में हम प्रदर्शन कर रहे हैं. हमारी मांग है कि वहां पर राष्ट्रपति शासन लगे. जिन्होंने भी अत्याचार किया है, उन्हें सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए. मांग पूरी नहीं पर हम अपना आंदोलन और जोर-शोर से पूरे बढ़ाएंगे.”

  • भारत एक्सप्रेस


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