नई दिल्ली: मोहर्रम के जुलूस के दौरान देश के कई राज्यों में हुई हिंसा और हमलों को लेकर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. विहिप के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख विजय शंकर तिवारी ने कहा कि यह बेहद चिंताजनक है कि एक ओर झगड़ा शिया और सुन्नी समुदाय के बीच होता है, लेकिन निशाना हिंदू समाज को बनाया जाता है. उन्होंने कहा कि ऐसे हालातों में शासन-प्रशासन को सख्त कदम उठाने की जरूरत है.
कई जिलों में मोहर्रम के जुलूस के दौरान हमलों की घटनाएं आई सामने
तिवारी ने कहा कि बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई जिलों में मोहर्रम के जुलूस के दौरान हिंसा, तोड़फोड़, आगजनी और हमलों की घटनाएं सामने आई हैं. कई जगहों पर हिंदू घरों, दुकानों, मंदिरों और धार्मिक प्रतीकों को निशाना बनाया गया. कुछ स्थानों पर फिलिस्तीन के झंडे लहराए गए और पाकिस्तान समर्थक नारे भी लगे. वहीं, कुछ मामलों में “हिंदू राष्ट्र” के बैनर जलाने और निर्दोष नागरिकों की हत्या की भी खबर है.
संगठन ने लगाया आरोप
विहिप ने इन घटनाओं को एक साजिश करार देते हुए कहा है कि यह सिलसिला अब रुकना चाहिए. संगठन ने आरोप लगाया कि त्योहार कोई भी हो, एक विशेष मानसिकता के लोग हर बार हिंसा फैलाने का प्रयास करते हैं. तिवारी ने कहा, “अब शासन को यह समझना होगा कि ये त्योहारों की आड़ में हिंसा फैलाने की सुनियोजित रणनीति है, जिसे पूरी कठोरता से कुचलना जरूरी है.”
परिषद ने दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई की
परिषद ने दोषियों पर कठोरतम कार्रवाई, पीड़ितों को मुआवजा, और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर पूर्ण नियंत्रण की मांग की है. विहिप ने चेतावनी दी कि अगर समय रहते इन घटनाओं को नहीं रोका गया तो यह देश की सांप्रदायिक एकता और सामाजिक शांति के लिए खतरा बन सकता है.
-भारत एक्सप्रेस
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