रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (फाइल फोटो ).
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शुक्रवार (22 अगस्त) को नई दिल्ली में वर्ल्ड लीडर्स फोरम को संबोधित किया. राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन के दौरान कहा कि हमारी परंपरा में ताकत का पैमाना आदेश देने की नहीं, बल्कि देखभाल करने की क्षमता में है. हम संकीर्ण हितों की खोज में नहीं, बल्कि वैश्विक भलाई के लिए प्रतिबद्धता में भरोसा करते हैं.
उन्होंने एक न्यायसंगत वैश्विक व्यवस्था को आकार देने में भारत के बढ़ते नेतृत्व को रेखांकित किया और देश के रक्षा क्षेत्र को मजबूत करने में किए गए अभूतपूर्व कदमों पर प्रकाश डाला.
हमने सही नीतियों से बनाई स्पोर्ट्स कार
पाकिस्तान के सेना प्रमुख द्वारा हाल ही में दिए गए बयान में कहा गया था कि भारत की इकोनॉमी की स्पोर्ट्स कार और पाकिस्तान की डंप ट्रक जैसी है. इस बयान का जिक्र करते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि यह केवल ट्रोल कंटेंट नहीं बल्कि एक स्वीकृति है.
रक्षा मंत्री ने कहा, “अगर दो देशों को एक साथ आजादी मिली और एक ने कड़ी मेहनत, सही नीतियों और दूरदर्शिता के साथ स्पोर्ट्स कार जैसी अर्थव्यवस्था बनाई, जबकि दूसरा विफलता में फंसा रहा, तो यह उनकी अपनी गलती है. यह कोई मजाक नहीं है, यह एक स्वीकारोक्ति है.”
10 सालों में 35 गुना बढ़ा रक्षा निर्यात
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बताया कि पिछले दशक में रक्षा निर्यात लगभग 35 गुना बढ़ा है. 2013-14 में यह केवल 686 करोड़ रुपये था, जो 2024-25 में बढ़कर 23,622 करोड़ रुपये हो गया है और अब रक्षा उत्पादों का निर्यात लगभग 100 देशों को किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि सरकार ने इस वर्ष रक्षा निर्यात में 30,000 करोड़ रुपये और 2029 तक 50,000 करोड़ रुपये हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि घरेलू रक्षा उत्पादन 2014 में 40,000 करोड़ रुपये से तीन गुना अधिक बढ़कर 2024-25 में 1.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है और चालू वित्त वर्ष में लगभग 2 लाख करोड़ रुपये को छूने की राह पर है.
राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) ने बताया कि सरकार ने रक्षा पूंजी खरीद बजट का 75% भारतीय कंपनियों के लिए आरक्षित किया है. रक्षा मंत्री ने कहा, “रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का हमारी सोच केवल आयात कम करने तक सीमित नहीं है. यह एक ऐसा इकोसिस्टम बनाने पर है जहां भारतीय उद्योग, सार्वजनिक और निजी, विश्व स्तरीय क्षमता विकसित करें, जहाँ हम न केवल घरेलू आवश्यकताओं को पूरा करें बल्कि उच्च गुणवत्ता वाले रक्षा उत्पादों के वैश्विक आपूर्तिकर्ता के रूप में भी उभरें.”
पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट के लिए उठाए गए कदम
हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) को मिले 66,000 करोड़ रुपये में 97 तेजस बनाने के ऑर्डर पर रक्षा मंत्री ने कहा कि यह स्वदेशा रक्षा टेक्नोलॉजी के लिए बेहतरीन उदाहरण बनने जा रहा है.
उन्होंने कहा कि हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को 97 तेजस लड़ाकू विमानों के लिए के ऑर्डर मिले हैं, इसके अलावा 48,000 करोड़ रुपये के 83 विमानों का पूर्व ऑर्डर भी मिला है. उन्होंने कहा, “हमारा तेजस विमान भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं का एक बेहतरीन उदाहरण बनने जा रहा है. हमने भारत में पांचवीं पीढ़ी (5th Generation) के फाइटर जेट और विमान इंजन बनाने की दिशा में भी कदम उठाए हैं.”
रक्षा मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रक्षा बजट में काफी वृद्धि हुई है. रक्षा बजट 2013-14 में 2.53 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2024-25 में लगभग 6.22 लाख करोड़ रुपये हो गया है. उन्होंने भारत की युवा आबादी को एक परिवर्तनकारी संपत्ति बताया और कहा कि 65% नागरिक 35 वर्ष से कम आयु के हैं और यह देश 100 से ज़्यादा यूनिकॉर्न के साथ दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम का घर है.
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-भारत एक्सप्रेस
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