West Bengal Mid Day Meal
West Bengal Mid Day Meal: पश्चिम बंगाल की शुभेंदु सरकार ने मिड-डे मील को लेकर बड़ा फैसला किया है. उन्होंने ISKON को इसकी जिम्मेदारी सौंपी है. अब इस्कॉन राज्य में बच्चों को शुद्ध और पौष्टिक भोजन उपलब्ध करायेगा. इसके तहत बच्चों को पूरी तरह से शाकाहारी भोजन परोसा जाएगा. पहले मिड-डे मील में बच्चों को अंडा भी परोसा जाता था, जिसे अब मेन्यू से हटा दिया गया है.
जानकारी के मुताबिक इस्कॉन ने सरकार के सामने इसका प्रस्ताव रखा था. जिसमें बच्चों को शुद्ध और सात्विक भोजन देने की बात कही गई थी. जिसे अब शुभेंदु सरकार ने मान लिया है.
राज्य के बच्चों को मिड-डे मील के तहत भोजन उपलब्ध कराने के लिए सरकार एक छोटी रकम देगी. जबकि बाकी का खर्च ISKON के डोनर्स उठायेंगे.
टीएमसी ने जताया विरोध
शुभेंदु सरकार के इस फैसले का टीएमसी ने विरोध किया है. पार्टी का कहना है कि बीजेपी बच्चों को न्यूटीशन वाले भोजन से वंचित कर रही है.
विधानसभा चुनाव हारने के बाद तृणमूल कांग्रेस में फूट पड़ चुकी है. टीएमसी और बागी गुट आमने-सामने हैं, लेकिन इस मुद्दे पर दोनों सुर में सुर मिलाकर बीजेपी सरकार के इस फैसले का विरोध कर रहे हैं.
टीएमसी के दोनों गुटों ने जताया विरोध
टीएमसी के बागी गुट के विधायक ऋतब्रत बनर्जी ने शुभेंदु सरकार के इस फैसले का विरोध किया है. उन्होंने कहा कि अंडे में प्रोटीन होता है जो बच्चों के विकास के लिए बेहद जरूरी है. इसलिए बच्चों की थाली से अंडा हटाना बिल्कुल भी सही नहीं है. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में अधिकतर लोग मांसाहारी हैं. मांस-मछली उनका पारंपरिक भोजन है. ऐसे में अगर उनकी थाली से मांसाहारी भोजन हटाकर शाकाहारी भोजन परोसा जाएगा, तो यह बंगाल की संस्कृति के खिलाफ होगा. जिसका वो कड़ा विरोध करते हैं.
उधर टीएमसी के ममता गुट के नेता कुणाल घोष ने भी शुभेंदु सरकार के इस फैसले का विरोध करते हुए इसे गलत बताया. उन्होंने कहा कि इस समय मिड-डे मील भोजन में बच्चों को अंडे परोसे जाते हैं. लेकिन अब इसकी जिम्मेदारी सरकार इस्कॉन को दे रही है. इस्कॉन बेहद सम्मानित संस्था है, लेकिन बच्चों के लिए प्रोटीनयुक्त भोजन बेहद महत्वपूर्ण है.
-भारत एक्सप्रेस
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