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बंगाल नाव हादसे पर पीेएम मोदी ने जताया दुख, मृतकों के परिवारों के लिए आर्थिक मदद की घोषणा

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में सुंदरबन के पास बंगाल की खाड़ी एक मछली पकड़ने वाली लापता हुई नाव में नौ मछुआरे मृत पाए गए हैं, जबकि छह मछुआरे लापता हो गए हैं.

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले में सुंदरबन के नजदीक समुद्र में हुई नाव दुर्घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है. बंगाल की खाड़ी में लापता हुई मछली पकड़ने वाली नाव से अब तक नौ मछुआरों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि छह अन्य मछुआरों की तलाश अभी भी जारी है. इस हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख जताया है और मृतकों के परिवारों तथा घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है.

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि दक्षिण 24 परगना में नाव पलटने की घटना बेहद दुखद है. उन्होंने पीड़ित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं जाहिर कीं और उम्मीद जताई कि हादसे में घायल हुए लोग जल्द स्वस्थ होंगे. इसके साथ ही उन्होंने घोषणा की कि मृत मछुआरों के परिवारों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से 2-2 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी. वहीं, घायल लोगों को 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी.

कई दिनों से चल रहा था तलाश अभियान

अधिकारियों के मुताबिक, लापता हुई नाव ‘एफबी मां काली’ का पता रविवार को पुलिस, वन विभाग और भारतीय तटरक्षक बल की संयुक्त टीम ने लगाया. यह नाव चुल्काठी जंगल के पास रक्ताचार इलाके में समुद्र में डूबी हुई मिली. नाव को बाहर निकालकर जब उसकी जांच की गई तो अंदर से नौ मछुआरों के शव बरामद हुए.

यह नाव 2 जुलाई को पूर्वी मिदनापुर जिले के शंकरपुर फिशरीज पोर्ट से 15 मछुआरों को लेकर समुद्र में उतरी थी. बताया जा रहा है कि खराब मौसम के कारण 5 जुलाई के बाद नाव से संपर्क टूट गया था. इसके बाद से ही प्रशासन ने बड़े स्तर पर खोज अभियान शुरू किया था.

सुंदरबन टाइगर रिजर्व के डिप्टी फील्ड डायरेक्टर चित्रक भट्टाचार्य के नेतृत्व में पुलिस, तटरक्षक बल, वन विभाग और मछुआरा संगठनों की टीमें लगातार समुद्र और आसपास के इलाकों में तलाश कर रही थीं. कई दिनों की मशक्कत के बाद आखिरकार डूबी हुई नाव का पता चल सका.

छह मछुआरों की तलाश जारी

अधिकारियों ने बताया कि अभी छह मछुआरों का कोई सुराग नहीं मिल पाया है. बरामद किए गए शवों को पोस्टमार्टम के लिए काकद्वीप सब-डिविजनल अस्पताल भेजा गया है. प्रशासन ने सोमवार को लापता लोगों की तलाश के लिए फिर से संयुक्त अभियान शुरू किया.

अधिकारियों को आशंका है कि मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है, क्योंकि अभी कुछ मछुआरों का पता नहीं चल पाया है. हादसे की गंभीरता को देखते हुए राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है.

इस बीच, सुंदरबन मामलों के राज्य मंत्री दीपांकर जाना ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया और तलाशी अभियान की समीक्षा की. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार को घटना की पूरी जानकारी दे दी गई है और आगे की कार्रवाई को लेकर संबंधित विभागों के साथ चर्चा की जा रही है.

रविवार शाम को नाव को दक्षिण 24 परगना जिले के सीतारामपुर घाट तक लाया गया. इससे पहले यह बक्खाली तट से करीब 35 किलोमीटर दूर चुल्काठी जंगल के पास पलटी हुई हालत में मिली थी. हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और लोगों की नजरें अब उन छह मछुआरों की तलाश पर टिकी हैं, जिनका अभी तक कोई पता नहीं चल पाया है.

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-भारत एक्सप्रेस 



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