तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन (MK Stalin) ने मुसलमानों को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने साफ कहा कि DMK हमेशा मुस्लिम समाज के अधिकारों की रक्षा करती रही है और आगे भी करती रहेगी. पैगंबर मोहम्मद की 1500वीं जयंती पर आयोजीत कार्यक्रम में सीएम स्टालिन ने वक्फ कानून, CAA, तीन तलाक और फिलिस्तीन जैसे मुद्दों पर खुलकर बात की.
स्टालिन का वक्फ संशोधन बिल पर तीखा हमला
इस दौरान स्टालिन (MK Stalin) ने केंद्र सरकार के वक्फ संशोधन बिल पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि DMK और अन्य दलों की कानूनी लड़ाई के चलते ही सुप्रीम कोर्ट ने उस विवादित बिल के अहम प्रावधानों पर रोक लगाई. उन्होंने AIADMK को भी आड़े हाथों लिया और कहा कि उनके दोहरे रवैये की वजह से अनवर राजा जैसे नेता पार्टी छोड़कर DMK में शामिल हो गए.
मिलाद-उन-नबी पर क्या बोले सीएम?
सीएम स्टालिन ने याद दिलाया कि DMK संस्थापक अन्नादुरई और करुणानिधि पहली बार मिलाद-उन-नबी कार्यक्रम में मिले थे और वहीं से तमिलनाडु की तरक्की की नींव रखी गई थी. इन्होंने बताया कि 1969 में करुणानिधि ने मिलाद-उन-नबी पर छुट्टी घोषित की थी जिसे AIADMK ने 2001 में खत्म कर दिया था लेकिन DMK ने 2006 में फिर से बहाल किया.
फिलिस्तीन पर क्या बोल गए स्टालिन?
फिलिस्तीन पर बोलते हुए स्टालिन ने गाजा में हो रहे अत्याचारों पर चिंता जताई और केंद्र सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की. उन्होंने कहा कि पैगंबर मोहम्मद की सिखाई गई समानता और मोहब्बत को पेरियार, अन्ना और करुणानीधि ने भी सराहा था.
मुसलमानों के लिए योजनाओं का जिक्र
मुसलमानों के लिए DMK सरकार की योजनाओं का जिक्र करते हुए स्टालिन ने बताया कि बीसी वर्ग में 3.5 प्रतिशत आंतरिक आरक्षण, उर्दू भाषियों को बीसी लिस्ट में शामिल करना, अल्पसंख्यक कल्याण बोर्ड, उर्दू अकादमी और चेन्नई एयरपोर्ट के पास नया हज हाउस जैसी कई पहलें की गई है. वहीं सीएंम स्टालिन ने कहा,
“अगर मुसलमानों को कोई परेशानी आती है तो सबसे पहले जो पार्टी उनके साथ खड़ी होती है वो DMK है.”
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उन्होंने बीजेपी की राजनीति को तानाशाही और अलोकतांत्रिक बताते हुए कहा कि ऐसे लोगों का बहिष्कार होना चाहिए.
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-भारत एक्सप्रेस
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