पैगंबर मोहम्मद के जन्मदिन यानि बारावफ़ात के मौके पर कानपुर में मुस्लिम समुदाय द्वारा निकाली गई जुलूस के बाद से देश भर में “I LOVE MUHAMMAD” हैशटैग ट्रेंड कर रहा है. ये पूरा मामला 5 सिंतंबर से शुरू हुआ, जब कानपुर के रावतपुर में बारावफात जुलूस निकाला जा रहा था.
जुलूस जिस रास्ते से निकाला जा रहा था, उसी रास्ते पर एक जगह I Love Muhammad का साइन बोर्ड लगा दिया गया. इसको लेकर हिंदू पक्ष ने विरोध किया और आरोप लगाया कि यहां नई परंपरा शुरू की जा रही है. हालांकि, ये बवाल बढ़ता उससे पहले पुलिस सक्रिय हो गई.
लेकिन मामले ने तुल तब पकड़ा जब पुलिस ने 9 सितंबर को इस घटना को 9 नामजद और 15 अज्ञात सहित लेकर 24 लोगों पर FIR दर्ज किया. इसके बाद मामला इतना बढ़ गया कि यूपी के कौशाम्बी, पीलीभीत, बरेली, भदोही, लखनऊ और कानपुर समेत कई ज़िलों में विरोध प्रदर्शन हुए हैं.
उन्नाव में प्रदर्शन और पुलिस की गाड़ी पर पथराव
रविवार (21 सितंबर) शाम को उन्नाव ज़िले के गंगाघाट इलाके में उस समय तनाव बढ़ गया जब कुछ लोगों ने साइनबोर्ड के समर्थन में विरोध मार्च निकाला. पुलिस के अनुसार, प्रदर्शनकारी नारे लगाते हुए इलाके में घूम रहे थे, जिसके बाद सुरक्षाकर्मी मौके पर पहुंचे. जब अधिकारियों ने मार्च को रोकने की कोशिश की, तो प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी बहस हो गई. आरोप है कि यहां पुलिस की गाड़ियों को निशाना बनाकर पथराव भी किया गया है.
हालांकि, हालात को देखते हुए जल्द ही अतिरिक्त बल तैनात किया गया और स्थानीय निवासियों के हस्तक्षेप से स्थिति पर काबू पा लिया गया. गंगाघाट थाने के थाना प्रभारी अजय कुमार सिंह ने बताया कि उसी रात पुलिस ने घटना में संलिप्तता के लिए आठ पहचाने गए और कई अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया.
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि वे विरोध प्रदर्शन में शामिल लोगों की पहचान करने के लिए तस्वीरों और वीडियो क्लिप की बारीकी से जांच कर रहे हैं. इसके अलावा, पथराव और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल लोगों की भूमिका की पुष्टि के लिए प्रदर्शन स्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज एकत्र की जा रही है और उनका विश्लेषण किया जा रहा है.
9 सितंबर के FIR पर कानपुर पुलिस ने क्या कहा ?
कानपुर पुलिस का कहना है कि ये FIR आई लव मोहम्मद के लिखने या बैनर को लेकर नहीं दर्ज किए गए हैं, बल्कि परंपरागत स्थान से अलग हटकर नए स्थान पर बैनर लगाने और जुलूस निकालने के दौरान इस पक्ष के द्वारा दूसरे पक्ष का बैनर फाड़ने पर हुई है. पुलिस ने लोगों से अनुरोध किया कि इस संबंध में कोई भ्रांति न फैलाई जाए.
थाना रावतपुर में सैयद नगर मोहल्ले से बारावफात का एक परंपरागत जूलूस निकलना था। मोहल्ले के कुछ लोगों द्वारा परंपरागत स्थान से अलग स्थान पर हटकर के एक टेंट लगा दिया तथा उस पर आई लव मोहम्मद का एक बैनर लगा दिया गया जिसका एक पक्ष के द्वारा विरोध किया गया। उपरोक्त सूचना पर रावतपुर थाने… pic.twitter.com/OVTkIRQ7mh
— POLICE COMMISSIONERATE KANPUR NAGAR (@kanpurnagarpol) September 17, 2025
ओवैसी ने कहा- I Love Mohammad कहना जुर्म तो हर सज़ा मंजूर
पुलिस के अनुसार, तनाव सबसे पहले 4 सितंबर को तब भड़का, जब मोहल्ला सैयद नगर में जाफर वाली गली के सामने “I LOVE MUHAMMAD” बोर्ड लगाया गया. एक समुदाय के लोगों ने इस पर आपत्ति जताई थी, जबकि स्थानीय लोग इसे लगाए रखने पर अड़े थे. इसके बाद तीखी बहस हुई और अधिकारियों के हस्तक्षेप से बोर्ड हटाने और दोनों समूहों को तितर-बितर करने के बाद स्थिति नियंत्रण में आई.
हालांकि, अगले दिन रावतपुर गांव में बारावफात के जुलूस के दौरान तनाव फिर से उभर आया, जहां अज्ञात युवकों ने धार्मिक पोस्टर फाड़ दिए. FIR के अनुसार, गांव में भी एक बैनर लगाने का भी प्रयास किया गया, जिसके परिणामस्वरूप सांप्रदायिक तनाव फैल गया.
पिछले दो सप्ताह से देश भर के अलग-अलग शहरों में मुस्लिम समुदाय व्हाट्स अप से लेकर अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर I LOVE MUHAMMAD की डीपी लगाकर, लिख कर और हैशटैग ट्रेंड करा रहे हैं. हैदराबाद सांसद और AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी ने कानपुर पुलिस को टैग करते हुए एक्स पोस्ट कर लिखा, “I Love Mohammad कहना जुर्म नहीं है. अगर है तो इसकी हर सजा मंजूर है.”
I LOVE MOHAMMAD ﷺ @adgzonekanpur ये जुर्म नहीं है। अगर है तो इसकी हर सज़ा मंज़ूर है।
तुम पर मैं लाख जान से क़ुर्बान या-रसूल
बर आएँ मेरे दिल के भी अरमान या-रसूलक्यों दिल से मैं फ़िदा न करूँ जान या-रसूल
रहते हैं इस में आप के अरमान या-रसूल https://t.co/8kKWY22zHC— Asaduddin Owaisi (@asadowaisi) September 15, 2025
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-भारत एक्सप्रेस
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