असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा शरमा ने एक बड़ी घोषणा की ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे प्रस्तावित गोहपुर–नुमालीगढ़ टनल परियोजना उत्तर और ऊपरी असम के बीच यात्रा समय को कम करेगी तथा बाढ़ के दौरान भी सालभर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगी. यह टनल रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण होगी. इसके अलावा,कामाख्या मंदिर के लिए रोपवे प्रोजेक्ट, लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा को जालुकबारी से जोड़ने वाली रिंग रोड, बैहाटा चरियाली से कई बड़े विकास कार्यों की भी घोषणा की गई है. इन परियोजनाओं के जरिए असम को पूर्वोत्तर भारत का प्रमुख कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है. चलिए जानते है पूरा मामला:
ब्रह्मपुत्र के नीचे अंडरवाटर टनल
ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे प्रस्तावित गोहपुर–नुमालीगढ़ टनल सड़क और रेल दोनों प्रकार के ट्रैफिक के लिए तैयार की जाएगी. इस महत्वाकांक्षी परियोजना के पूरा होने पर उत्तरी और ऊपरी असम के बीच यात्रा समय में भारी कमी आएगी. यह टनल बाढ़ के दौरान भी सालभर कनेक्टिविटी बनाए रखने में सक्षम होगी और आपातकालीन स्थितियों में अहम भूमिका निभाएगी.
कामाख्या रोपवे प्रोजेक्ट
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह परियोजना केवल यातायात ही नहीं, बल्कि रक्षा और रणनीतिक लॉजिस्टिक्स के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण है. टनल के जरिए सैन्य और आपातकालीन मूवमेंट को तेज और सुरक्षित बनाया जा सकेगा. Kamakhya Temple के लिए एक रोपवे प्रोजेक्ट की घोषणा की गई है, जो कामाख्या स्टेशन से शुरू होगा।
जिसका उद्देश्य मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की भीड़ कम करना और उनकी पहुंच को आसान बनाना है. इससे गुवाहाटी में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा.
गुवाहाटी रिंग रोड योजना
लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा ( Lokpriya Gopinath Bordoloi International Airport) को जालुकबारी से जोड़ने के लिए लगभग 1,500 करोड़ रुपये की लागत से रिंग रोड बनाई जाएगी. इससे शहर के भीतर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और एयरपोर्ट तक पहुंच तेज होगी.
बैहाटा चरियाली–तेजपुर फोर लेन हाईवे
बैहाटा चरियाली से तेजपुर तक चार-लेन हाईवे के निर्माण में लगभग 14,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा. यह प्रोजेक्ट मिडिल असम में एक मजबूत आर्थिक गलियारा तैयार करेगा और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को नई दिशा देगा. डिब्रूगढ़ मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (Dibrugarh Medical College and Hospital) के लिए 600 करोड़ रुपये की परियोजनाएं तैयार की गई हैं.
इससे अस्पताल की सुविधाओं का आधुनिकीकरण होगा और उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी. इन सभी परियोजनाओं के माध्यम से असम को पूर्वोत्तर भारत का प्रमुख कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स हब बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं. केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में तेजी से इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित विकास को गति मिल रही है.
भारत एक्सप्रेस
Edited By: Shubhra Rai (Intern)
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.
