BCCI IPL Rules 2026: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 (IPL 2026) 19वें सीजन के दौरान बीसीसीआई ने अनुशासन और सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाते हुए IPL की सभी 10 फ्रेंचाइजियों के लिए 8 पन्नों का नया स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी किया है. इसमें खिलाड़ियों और स्टाफ के व्यवहार, सुरक्षा प्रोटोकॉल और बाहरी जोखिमों जैसे ‘हनी ट्रैप’ से बचाव पर खास जोर दिया गया है. यह कदम राजस्थान रॉयल्स से जुड़े कुछ कथित नियम उल्लंघनों के बाद उठाया गया है, जिनसे लीग की छवि पर सवाल खड़े हुए थे.
बीसीसीआई (BCCI) सचिव देवजीत सैकिया ने साफ कहा है कि अब किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियम तोड़ने पर सख्त कार्रवाई हो सकती है, जिसमें अगले सीजन से बैन या कानूनी कार्रवाई तक शामिल है.
सैकिया ने टीमों को क्या कहा?
बीसीसीआई की नई गाइडलाइन में सबसे ज्यादा ध्यान ‘हनी ट्रैप’ और सुरक्षा से जुड़े खतरों पर दिया गया है. रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि कुछ खिलाड़ी टीम मैनेजमेंट को बिना जानकारी दिए अपने होटल रूम में बाहरी लोगों को बुला रहे थे. अब नियम और सख्त कर दिए गए हैं, जिसके तहत किसी भी खिलाड़ी के कमरे में कोई भी बाहरी व्यक्ति, यहां तक कि परिवार का सदस्य भी बिना टीम मैनेजर की लिखित अनुमति के नहीं जा सकेगा.
इस पर बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने सभी फ्रेंचाइजियों को पत्र भेजकर कहा है कि इन कदमों का मकसद अनुशासन, पेशेवर रवैया और सुरक्षा को मजबूत करना है. साथ ही भ्रष्टाचार रोधी और सुरक्षा इकाई (ACSU) ने कुछ उल्लंघनों की रिपोर्ट भी दी है, जिसके बाद बोर्ड ने यह सख्ती लागू की है.
‘हनी ट्रैप’ से बचाने के लिए ये नियम
बीसीसीआई ने खिलाड़ियों की मुलाकातों को लेकर भी साफ सीमा तय कर दी है. अब खिलाड़ियों को किसी भी मेहमान से सिर्फ होटल की लॉबी या अन्य सार्वजनिक जगहों पर ही मिलने की अनुमति होगी. होटल के कमरे पूरी तरह निजी क्षेत्र माने जाएंगे, जहां किसी बाहरी व्यक्ति की पहुंच नहीं होगी. इसका मकसद किसी भी संदिग्ध गतिविधि या सुरक्षा में चूक को रोकना है.
रियान पराग के बाद वेपिंग पर भी लगा बैन
बीसीसीआई ने नई गाइडलाइन में ड्रेसिंग रूम, होटल मैच वेन्यू पर ई-सिगरेट और किसी भी तरह के नशे पर पूरी तरह रोक लगा दी है. यह फैसला तब आया जब हाल ही में रियान पराग को ड्रेसिंग रूम में वेपिंग करते देखा गया था. बोर्ड ने साफ किया है कि ई-सिगरेट का इस्तेमाल भारतीय कानून के तहत अपराध माना जा सकता है, इसलिए नियम तोड़ने पर बीसीसीआई के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है.
इसके अलावा फ्रेंचाइजियों को अपने सभी खिलाड़ियों और स्टाफ को इन नियमों की पूरी जानकारी देने की जिम्मेदारी दी गई है. साथ ही अब किसी भी खिलाड़ी या स्टाफ को होटल से बाहर जाने के लिए सिक्योरिटी अधिकारियों (SLO/TIO) से अनुमति लेना जरूरी होगा, ताकि उनकी गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सके और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
टीम मालिकों के लिए भी नियम
बीसीसीआई ने टीम मालिकों के लिए भी नए नियम सख्त कर दिए हैं, जिसके तहत अब मैच के दौरान वे ड्रेसिंग रूम, डगआउट या मैदान के अंदर खिलाड़ियों से न तो सीधे बात कर सकेंगे और न ही शारीरिक रूप से संपर्क कर पाएंगे. पहले मालिक अक्सर उत्साह में खिलाड़ियों से मिलते या बातचीत करते नजर आते थे, लेकिन अब इसे प्रोटोकॉल का उल्लंघन माना जाएगा और केवल आधिकारिक माध्यमों से ही संवाद की अनुमति होगी.
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नियम तोड़ा तो ये कार्रवाई होगी
सभी टीम मैनेजमेंट को 48 घंटे के भीतर खिलाड़ियों को इन नियमों की जानकारी देकर उनसे लिखित पुष्टि लेना जरूरी होगा कि वे निर्देश समझ चुके हैं. साथ ही, नियम तोड़ने पर जुर्माना, नोटिस, निलंबन या गंभीर मामलों में कानूनी कार्रवाई तक हो सकती है, और बोर्ड समय-समय पर टीमों की निगरानी भी करेगा.
-भारत एक्सप्रेस
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