प्रतीकात्मक फोटो.
देश की राजधानी दिल्ली में बुनियादी ढांचे के विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है. दिल्ली में भारत का पहला अत्याधुनिक ‘ई-वेस्ट इको पार्क’ (E-Waste Eco Park) बनने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है. दिल्ली के उपराज्यपाल (LG) वीके सक्सेना ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के विकास के लिए नरेला के पास होलम्बी कलां में 21 एकड़ भूमि के आवंटन को आधिकारिक मंजूरी दे दी है.
ई-कचरे का होगा वैज्ञानिक और सुरक्षित निपटारा
राजधानी में तेजी से बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक कचरे (जैसे पुराने मोबाइल, कंप्यूटर, लैपटॉप और अन्य घरेलू बिजली के उपकरण) के वैज्ञानिक और सुरक्षित निपटारे के लिए यह देश में अपनी तरह का पहला अनूठा पार्क होगा. इस इको पार्क में ई-कचरे के रीसाइक्लिंग, रिफर्बिशिंग और सुरक्षित विघटन (Dismantling) के लिए अत्याधुनिक तकनीक और इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा. उपराज्यपाल कार्यालय के मुताबिक, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) द्वारा यह जमीन दिल्ली सरकार के पर्यावरण विभाग को आवंटित की गई है, जिससे इस प्रोजेक्ट को तेजी से धरातल पर उतारा जा सकेगा.
अस्पताल और कोर्ट बिल्डिंग के लिए भी मिली जमीन
ई-वेस्ट पार्क के अलावा, उपराज्यपाल ने दिल्ली के अन्य महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स के लिए भी भूमि आवंटन को मंजूरी दी है. इसके तहत कड़कड़डूमा कोर्ट परिसर के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि अलॉट की गई है, जिससे वहां नई अदालतें और वकीलों के लिए चैंबर बनाए जा सकेंगे. इसके साथ ही, लोक निर्माण विभाग (PWD) को सिरासपुर में एक नए 272 बेड वाले सरकारी अस्पताल के निर्माण के लिए भी जमीन हस्तांतरित करने की हरी झंडी मिल गई है. एलजी वीके सक्सेना के इन फैसलों से दिल्ली में स्वास्थ्य, न्याय और पर्यावरण प्रबंधन के क्षेत्र में बुनियादी ढांचा काफी मजबूत होगा.
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