प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के राजनीतिक संगठन सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है. एसडीपीआई के करीब 12 ठिकानों पर छापेमारी चल रही है. यह छापेमारी नई दिल्ली, उत्तर प्रदेश के लखनऊ, चेन्नई, झारखंड में पाकुड़, केरल में एसडीपीआई मुख्यालय, त्रिवंतपुरम, मलप्पुरम, कोलकाता, आंधप्रदेश में नांदयाल, चल रही है.
प्रतिबंधित पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) की सहयोगी संस्था सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के प्रेसिडेंट एम. के फैजी की गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ के बाद यह कार्रवाई की जा रही हैं. फैजी को ED ने इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया था. जिसको पटियाला हाउस कोर्ट में 6 दिन की रिमांड पर भेज दिया था. पीएफआई से संबंधित ये 27 वीं गिरफ्तारी है.
SDPI को मिला 11 करोड़ का चंदा
हाल ही में मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में जांच के दौरान जुटाए गए काफी महत्वपूर्ण सबूतों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के आधार पर फैजी को गिरफ्तार किया गया है. पीएफआई की राजनीतिक शाखा माने जाने वाले सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया को 2018-19 से 11 करोड़ रुपये से अधिक नकद चंदा मिला है. दिल्ली में एक गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के रूप में एसडीपीआई गठत जून 2009 में किया गया था और अप्रैल 2010 में निर्वाचन आयोग के पास इसे पंजीकृत कराया गया.
PFI पर 5 साल का है प्रतिबंध
केंद्र सरकार ने साल 2022 में पीएफआई व उससे संबंधित कई अन्य संगठनों पर पांच साल का प्रतिबंध लगा दिया था. सरकार ने आतंकवाद रोधी कानून (यूपीपीए) के तहत जिन संगठनों पर प्रतिबंध लगाया उनमें पीएफआई के अलावा रिहैब इंडिया फाउंडेशन, कैंपस फ्रंट9ऑफ इंडिया, ऑल इंडिया इमाम काउंसिल सहित कई संगठनों पर प्रतिबंध लगा रखा है. सरकार द्वारा प्रतिबंध लगाए जाने के बाद फैजी ने लोक तंत्र पर सीधा हमला बताया था. फैजी ने बयान में कहा था कि जो कोई भी भाजपा सरकार की गलत और जनविरोधी नीतियों के विरुद्ध बोलता है उसे गिरफ्तारी और छापेमारी के खतरे का सामना करना पड़ता हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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