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जामिया हमदर्द और एनडीटीएल के बीच समझौता: डोपिंग विज्ञान में शोध और प्रशिक्षण को मिलेगी नई उड़ान

खेलों में स्वच्छता और निष्पक्षता के लिए अत्याधुनिक प्रयोगशाला के साथ साझेदारी से विकसित होंगे कुशल मानव संसाधन

डोपिंग विज्ञान के उभरते क्षेत्र में शैक्षणिक-वैज्ञानिक सहयोग को बल

14 मई, 2026 | नई दिल्ली: जामिया हमदर्द और राष्ट्रीय डोपिंग परीक्षण प्रयोगशाला (एनडीटीएल), नई दिल्ली के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता डोपिंग विज्ञान के विशिष्ट एवं उभरते क्षेत्र में सहयोगात्मक शोध, प्रशिक्षण और मानव संसाधन विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया है। एमओयू का लक्ष्य एंटी-डोपिंग शोध, संदर्भ सामग्री का विकास, उन्नत विश्लेषणात्मक विधियाँ, जीन डोपिंग का पता लगाने के तरीके, तथा क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों में शैक्षणिक-वैज्ञानिक सहयोग को सुदृढ़ करना है, ताकि राष्ट्रीय और वैश्विक आवश्यकताओं की पूर्ति की जा सके।

एनडीटीएल के निदेशक की मेज़बानी, जामिया के कुलपति के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल

हस्ताक्षर समारोह की मेज़बानी एनडीटीएल के निदेशक डॉ. पी. एल. साहू के साथ प्रयोगशाला के अधिकारियों और वैज्ञानिक स्टाफ ने की। जामिया हमदर्द के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व माननीय कुलपति प्रो. (डॉ.) एम. अफशार आलम ने किया। जामिया हमदर्द के अन्य सदस्यों में प्रो. शाकिर अली (निदेशक, आरएंडडी सेल), प्रो. सुहेल परवेज़ (डीन, अकादमिक्स), डॉ. सरफराज अहसान (प्रभारी रजिस्ट्रार) और डॉ. मोहम्मद अहमद खान (सहायक प्रोफेसर, एसपीईआर, जामिया हमदर्द) शामिल थे।

अत्याधुनिक विश्लेषणात्मक ढाँचे का अवलोकन, स्वच्छ खेलों की प्रतिबद्धता

हस्ताक्षर समारोह के बाद प्रतिनिधिमंडल ने एनडीटीएल की सुविधाओं का दौरा किया, जहाँ उन्हें प्रयोगशाला के उन्नत विश्लेषणात्मक ढाँचे और स्वच्छ एवं निष्पक्ष खेल को बढ़ावा देने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में जानकारी दी गई। उल्लेखनीय है कि एनडीटीएल, नई दिल्ली, विश्व की तीस अग्रणी डोपिंग परीक्षण प्रयोगशालाओं में से एक है। यह भारत की प्रमुख एंटी-डोपिंग परीक्षण एवं शोध संगठन है तथा खेल ड्रग टेस्टिंग, विश्लेषणात्मक विज्ञान, विष विज्ञान और संबद्ध क्षेत्रों में देश की वैज्ञानिक क्षमताओं को सुदृढ़ करने में अहम भूमिका निभाता है।

एनडीटीएल निदेशक ने कहा – संरचित प्रशिक्षण और कौशल विकास के नए अवसर खुलेंगे

इस अवसर पर बोलते हुए डॉ. पी. एल. साहू ने कहा, “यह एमओयू छात्रों और युवा शोधकर्ताओं को एंटी-डोपिंग विज्ञान के अत्यधिक विशिष्ट क्षेत्र में संरचित प्रशिक्षण, कौशल विकास और वैज्ञानिक अनुभव के नए अवसर प्रदान करेगा। एनडीटीएल क्षमता निर्माण और मानव संसाधन विकास में सहयोग करने के लिए प्रसन्न होगा, ताकि प्रशिक्षित विज्ञान स्नातक, शोधकर्ता और पेशेवर खेल ड्रग टेस्टिंग, विश्लेषणात्मक शोध और डोपिंग नियंत्रण में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय आवश्यकताओं में योगदान दे सकें।”

जामिया कुलपति का भरोसा – हमारा अकादमिक और शोध आधार डोपिंग विज्ञान को नई दिशा देगा

प्रो. (डॉ.) एम. अफशार आलम ने कहा, “जामिया हमदर्द के पास फार्मास्युटिकल विज्ञान, जैव चिकित्सा विज्ञान, विष विज्ञान, औषध विज्ञान और संबद्ध विषयों में सुदृढ़ अकादमिक एवं शोध आधार है। इस सहयोग के माध्यम से, जामिया हमदर्द डोपिंग विज्ञान में अभिनव कार्यों को समर्थन देने के लिए अपने शोध अवसंरचना, अकादमिक विशेषज्ञता और तकनीकी ज्ञान तक पहुँच प्रदान करेगा। यह एमओयू संदर्भ सामग्री के विकास, जीन डोपिंग विधियों और उन्नत विश्लेषणात्मक तरीकों जैसे क्षेत्रों में सहयोगात्मक शोध को प्रोत्साहित करेगा, साथ ही कुशल मानव संसाधनों के प्रशिक्षण में भी योगदान देगा।”

संयुक्त शोध, विशेषज्ञता का आदान-प्रदान, और खेलों में अखंडता को मजबूती

यह सहयोग संयुक्त शोध परियोजनाओं, वैज्ञानिक एवं तकनीकी विशेषज्ञता के आदान-प्रदान, छात्र एवं शोधकर्ता प्रशिक्षण कार्यक्रमों, विशिष्ट पद्धतियों के विकास, तथा शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक गतिविधियों के आयोजन को सुगम बनाएगा। दोनों संस्थानों ने विश्वास जताया कि यह साझेदारी एंटी-डोपिंग विज्ञान में भारत की क्षमताओं को सार्थक रूप से मजबूत करेगी तथा एक प्रशिक्षित कार्यबल तैयार करने में सहायक होगी जो स्वच्छ एथलीटों की सुरक्षा और खेलों में अखंडता को सुदृढ़ करने के लिए समर्पित हो।

——-भारत एक्सप्रेस



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