मुंबई की धारावी झुग्गी बस्ती पुनर्विकास परियोजना मामले में अडाणी समूह को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिली है. कोर्ट ने मुंबई हाई कोर्ट द्वारा दिए गए आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया और अडाणी समूह को टेंडर दिए जाने के खिलाफ यूएई की सेकलिंक फर्म की याचिका को खारिज कर दिया.
सुप्रीम कोर्ट ने सेकलिंक की याचिका पर महाराष्ट्र सरकार और अडानी समूह को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. कोर्ट ने कहा कि धारावी परियोजना का काम पहले ही शुरू हो चुका है, और अडानी को काम जारी रखने की अनुमति दी. अगली सुनवाई 10 मई को होगी.
सेकलिंक ने सुनवाई के दौरान यह दावा किया था कि वह अपनी बोली को 7200 करोड़ रुपये तक बढ़ाएंगे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने अडानी के काम पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश देने से इनकार कर दिया. मुंबई हाई कोर्ट ने सेकलिंक की याचिका को खारिज करते हुए कहा था कि इसमें कोई उचित आधार नहीं है.
अडानी समूह ने 2022 में 259 हेक्टेयर के इस पुनर्विकास प्रोजेक्ट के लिए 5069 करोड़ रुपये की बोली लगाई थी, जो सबसे अधिक थी. सेकलिंक ने 2018 की निविदा को रद्द करने और 2022 में अडानी को निविदा दिए जाने की प्रक्रिया को चुनौती दी थी.
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