सांकेतिक तस्वीर.
दिल्ली के द्वारका कोर्ट (Dwarka Court) ने एक व्यक्ति को एक सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी और उनके बेटे को व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से बदनाम करने का दोषी पाया है और उसे 60 हजार रुपए का हर्जाना देने को कहा है. द्वारका कोर्ट के सिविल जज निशांत बानगढ़ ने कर्नल बीएस चौधरी (सेवानिवृत्त) और उनके बेटे जसबीर चौधरी को बदनाम करने के लिए आरोपी आरएन यादव को दोषी पाया.
साथ ही उसे उसी व्हाट्सएप ग्रुप पर बिना शर्त माफी मांगने का आदेश दिया. उन्होंने कहा कि मैसेज एक ऐसे ग्रुप पर भेजे गए थे जिसमें आवासीय सोसाइटी के अन्य सदस्य भी शामिल थे. इसलिए यह सार्वजनिक डोमेन में प्रकाशन के समान है. जज ने यादव को पिता-पुत्र के खिलाफ कोई भी झूठा या मानहानिकारक पोस्ट करने से रोक दिया.
आरएन यादव ने आवासीय सोसायटी के ग्रुप में चौधरी के आचरण से संबंधित आपत्तिजनक पोस्ट किए थे. सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी चौधरी ने इसको लेकर मानहानि का मुकदमा किया और एक लाख रुपए हर्जाने के अलावा उसी ग्रुप में माफी मांगने की बात कही थी.
ये भी पढ़ें: वक्फ संशोधित कानून 2025 को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट 15 सितंबर को सुनाएगा अंतरिम फैसला
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

