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अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाला मामले में क्रिश्चियन मिशेल जेम्स की याचिका पर 25 अगस्त सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट 25 अगस्त को अगस्ता वेस्टलैंड मामले के कथित बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल की याचिका पर सुनवाई करेगा. केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए 3 हफ्ते का अंतिम समय मिला है.

Edited by Vaibhav Gupta

सुप्रीम कोर्ट ने अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाला मामले में कथित बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल जेम्स की ओर से दायर याचिका पर 25 अगस्त को सुनवाई करेगा. मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए मांग की, जिसे कोर्ट ने दे दिया.

सरकार के पास 3 हफ्ते का समय

कोर्ट ने सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए तीन सप्ताह का समय दे दिया है. कोर्ट ने समय देते हुए स्पष्ट किया है कि आगे से जवाब दाखिल करने के लिए और समय नहीं दिया जाएगा. मिशेल ने हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. इस मामले में अब जस्टिस विक्रमनाथ की अध्यक्षता वाली पीठ सुनवाई कर रही हैं.

दिल्ली हाई कोर्ट ने भारत यूएई प्रत्यर्पण संधि 1999 के अनुच्छेद 17 को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज कर दिया था. कोर्ट ने निचली अदालत के उस आदेश को भी बरकरार रखा, जिसमें मिशेल की यह दलील खारिज की गई थी कि वह अधिकतम सजा (7 साल) काट चुका है, इसलिए उसे रिहा किया जाए. कोर्ट ने साफ कहा था कि याचिका में कोई दम नहीं है, इसलिए इसे खारिज किया जाता है.

पहले ही काट चुके सजा

मामले की सुनवाई के दौरान मिशेल की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया था कि जिन आरोपों के आधार पर उन्हें भारत लाया गया था, उनमें अधिकतम सजा की अवधि को वह पहले ही काट चुके है. इसलिए उन्हें रिहा किया जाए.

वहीं सीबीआई, ईडी और केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील ने रिहाई की मांग का विरोध करते हुए याचिका को खारिज करने की मांग की थी. इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने 4 मार्च को मिशेल को पांच लाख रुपए के निजी मुचलका और इतनी ही जमानत राशि पर जमानत मिल चुकी है.

अच्छे आचरण के आधार पर छूट का पात्र

कोर्ट ने मिशेल को विशेष अदालत में अपना पासपोर्ट जमा कराने का निर्देश दिया था. मिशेल को सीबीआई मामले में 18 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल गई थी. मिशेल की ओर से पेश वकील अल्जो जोसेफ ने कहा था कि कुल मिलाकर यह 6 साल और 5 महीने की सजा है.

मिशेल का कहना है कि संशोधन जेल नियमों के मुताबिक, मैं अच्छे आचरण के आधार पर छूट का पात्र हूं. मान लें कि मुझे दोषी ठहराया गया है, तो मुझे एक-एक महीने की छूट मिलेगी. यानी 6 साल की सजा के लिए 6 महीने.

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-भारत एक्सप्रेस



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