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एआई समिट शर्टलेस प्रदर्शन मामला: 6 मार्च तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे भूदेव शर्मा और दिव्यांश गिरधर

एआई समिट में शर्टलेस प्रदर्शन के मामले में फंसे भूदेव शर्मा और दिव्यांश गिरधर को पटियाला हाउस कोर्ट से फिलहाल राहत नहीं मिली है. कोर्ट ने उन्हें 6 मार्च तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. जानिए पुलिस ने जमानत का विरोध क्यों किया और मामले की अगली सुनवाई में क्या हो सकता है.

AI Summit Protest
Edited by Vaibhav Gupta

एआई समिट के दौरान किए गए शर्टलेस प्रदर्शन के मामले में गिरफ्तार भूदेव शर्मा और दिव्यांश गिरधर को पटियाला हाउस कोर्ट ने 6 मार्च तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस

दरअसल, दो दिन की रिमांड की अवधि खत्म होने के बाद पटियाला हाउस कोर्ट के डियूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया. जहां कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया. साथ ही कोर्ट ने दायर जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. कोर्ट दायर जमानत याचिका पर 6 मार्च को सुनवाई करेगा.

बता दें कि इससे पहले कोर्ट ने भूदेव शर्मा और दिव्यांश गिरधर की पेशी के दौरान दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि जांच अभी शुरुआती स्टेज में है और सबूतों की रिकवरी के साथ-साथ सह-आरोपियों का पकड़ा जाना जरूरी है.

जमानत के मामलों में बराबरी का नियम

इससे पहले डियूटी मजिस्ट्रेट ने भूदेव शर्मा और दिव्यांश गिरधर की ओर से दायर जमानत याचिका को खारिज कर दिया था. कोर्ट ने कहा था कि मेरे हिसाब से रिमांड के लिए मौजूदा अर्जी और जमानत की प्रार्थना, उन सह-आरोपियों की तुलना में बिल्कुल अलग हैं, जिन्हें पहले ही जमानत मिल चुकी है.

कोर्ट ने कहा कि यह क्रिमिनल ज्यूरिप्रसिडेंस का एक तय सिद्धांत है कि जमानत के मामलों में बराबरी का नियम एक जरुरी बात है. लेकिन इसे मैकेनिकल या एक जैसे तरीके से लागू नहीं किया जा सकता.

पहले भी खारिज हुई थी अर्जी

इसी मामले में गिरफ्तार यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानू चिब सहित 10 लोगों को जमानत मिल चुकी है. गिरधर की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस ने कहा था कि उसकी पिछली जमानत अर्जी डियूटी मजिस्ट्रेट ने 27 फरवरी 2026 के आदेश से पहले ही खारिज कर दी थी.

हालांकि, आरोपी के वकील ने जानबूझकर जमानत अर्जी में यह बात नहीं बताई, और इसलिए अर्जी खारिज की जानी चाहिए. दिल्ली पुलिस की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि एआई समिट के दौरान विदेशी मेहमान शामिल हुए थे, लेकिन जानबूझकर ऐसी जगह पर प्रदर्शन किया गया, जबकि प्रदर्शन के लिए जंतर मंतर के अलावे अन्य जगह भी है.

पुलिस ने वकील ने कोर्ट को यह भी बताया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ पुलिसकर्मी घायल हुए है. संविधान में भले ही प्रदर्शन का अधिकार दिया गया हो लेकिन कुछ शर्तें भी लगाई गई है. दिल्ली पुलिस के अनुसार यह प्रदर्शन सामान्य प्रदर्शन नहीं था.

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-भारत एक्सप्रेस



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