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अल फलाह यूनिवर्सिटी मनी लॉन्ड्रिंग केस: ईडी चार्जशीट पर 13 फरवरी को साकेत कोर्ट में सुनवाई

अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दाखिल चार्जशीट पर 13 फरवरी को साकेत कोर्ट में सुनवाई होगी. कोर्ट ने आरोपी जावेद अहमद सिद्दीकी की न्यायिक हिरासत भी उसी तारीख तक बढ़ा दी है.

Al Falah University Money Laundering Case
Edited by Vaibhav Gupta

प्रवर्तन निदेशालय ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अल फलाह यूनिवर्सिटी के खिलाफ दायर चार्जशीट पर 13 फरवरी को साकेत कोर्ट सुनवाई करेगा. ईडी की ओर से दायर चार्जशीट पर बहस होगी. मामले की सुनवाई के दौरान जावेद अहमद सिद्दीकी के वकील ने दस्तवेजों की जांच के लिए समय की मांग की. जिसके बाद कोर्ट ने सिद्दीकी के वकील को समय दे दिया. साथ ही कोर्ट ने जावेद अहमद सिद्दीकी की न्यायिक हिरासत की अवधि को 13 फरवरी तक के लिए बढ़ा दिया है.

बिना मान्यता छात्रों को दाखिला देकर वसूला फीस

ईडी ने अल फलाह यूनिवर्सिटी की लगभग 140 करोड़ रुपए की संपत्तियों को अटैच कर दिया है. यह विश्वविद्यालय 10 नवंबर को लाल किला कार ब्लास्ट के बाद एजेंसियों के राडार पर आया था. दाखिल चार्जशीट में अल फलाह यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष जवाद अहमद सिद्धिकी और अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट को आरोपी बनाया गया है.

अल-फलाह ग्रुप के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था. ईडी का आरोप है कि अल फलाह ट्रस्ट द्वारा संचालित शिक्षण संस्थानों ने बिना वैध मान्यता और मानक पूरे किए छात्रों को दाखिला देकर उनसे फीस वसूली. अपराध से प्राप्त धन का एक हिस्सा फरीदाबाद के धौज क्षेत्र में स्थित इस विश्वविद्यालय की इमारतें, स्कूलों, विभागों से संबंधित इमारतें और हॉस्टल को जब्त कर लिया गया है. सिद्धिकी पर करीब 415 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का मामला दर्ज है.

फर्जी NAAC और UGC मान्यता का दावा

सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया था कि छात्रों को आकर्षित करने के लिए फर्जी एनएएसी और यूजीसी मान्यता के दावा किया गया है. ईडी ने यूनिवर्सिटी द्वारा वसूले गए 415 करोड़ रुपए की फीस को अपराध से अर्जित धन बताया है. ईडी ने यह भी कहा था कि आरोपी सिद्धिकी पूरे वित्तीय संचालन को नियंत्रित करता था.

वहीं, बचाव पक्ष की ओर से पेश वकील ने दर्ज सभी एफआईआर को झूठा और मनगढ़ंत बताया था. माना जा रहा है कि इन कंपनियों का इस्तेमाल फर्जी लेनदेन और हवाला कारोबार में किया गया. अल फलाह ट्रस्ट और उससे जुड़े संस्थानों का भी पूरा ब्यौरा खंगाला जा रहा है. उसकी 9 शेल कंपनियां एक ही पते पर पाई गई, लेकिन उनमें कोई काम नहीं हो रहा था. सिद्धिकी को यूनिवर्सिटी परिसर में मिले साक्ष्यों की जांच और विश्लेषण के बाद ईडी ने गिरफ्तार किया गया हैं.

19 स्थानों पर तलाशी

अल फलाह यूनिवर्सिटी के परिसरों और अल फलाह समूह के प्रमुख व्यक्तियों के आवासीय परिसरों सहित 19 स्थानों पर तलाशी ली थी. ईडी के मुताबिक साक्ष्यों से पता चलता है कि ट्रस्ट ने करोड़ों रुपए पारिवारिक स्वामित्व वाली संस्थाओं में स्थानांतरित किए हैं. ईडी तलाशी के दौरान 48 लाख रुपये से अधिक नकद, कई डिजिटल उपकरण और दस्तावेजों को जब्त किया है.

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-भारत एक्सप्रेस



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