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निचली अदालत से झटका, हाई कोर्ट से मिली राहत, जानिए अमिताभ झुनझुनवाला के पक्ष में क्या बोला कोर्ट?

Money Laundering Case: दिल्ली हाई कोर्ट ने रिलायंस ग्रुप की कंपनियों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में आरोपी अमिताभ झुनझुनवाला को मेडिकल ग्राउंड पर अंतरिम जमानत दे दी है. राऊज एवेन्यू कोर्ट द्वारा याचिका खारिज होने के बाद उन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

रिलायंस मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अमिताभ झुनझुनवाला को दिल्ली हाई कोर्ट से मिली अंतरिम जमानत.

दिल्ली हाई कोर्ट

Edited by Shubhra Rai

Money Laundering Case: दिल्ली हाई कोर्ट से रिलायंस होम फाइनेंस लिमिटेड (RHFL) और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड (RCFL) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में आरोपी अमिताभ झुनझुनवाला को अंतरिम जमानत मिल गई है. जस्टिस मधु जैन ने अमिताभ झुनझुनवाला को स्वास्थ्य के आधार पर जमानत दे दिया है.

राऊज एवेन्यु कोर्ट ने जमानत याचिका को खारिज किया

कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि अमिताभ झुनझुनवाला की चिकित्सकीय स्थिति पीएमएलए के तहत “बीमार या कमजोर” व्यक्ति की श्रेणी में आती है, जिसके चलते उन्हें वैधानिक अपवाद का लाभ दिया जाता है. कोर्ट ने झुनझुनवाला को एक लाख रुपए की निजी मुचलके और इतनी राशि के 2 जमानती भरने का निर्देश दिया है. हालही में राऊज एवेन्यु कोर्ट ने अमिताभ झुनझुनवाला की ओर से दायर अंतरिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था. जिसके बाद अमिताभ झुनझुनवाला ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था. झुनझुनवाला ने अपनी बीमारी और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का हवाला देते हुए मेडिकल ग्राउंड पर नियमित जमानत की गुहार लगाई थी. निचली अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि मामले में गवाहों को प्रभावित करने की आशंका को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है.

अमिताभ झुनझुनवाला सहित 55 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर

अदालत ने यह भी कहा था कि आरोपी पर इस अपराध को अंजाम देने में मुख्य भूमिका निभाने और पूरे अपराध की साजिश रचने का आरोप है. ईडी ने अमिताभ झुनझुनवाला सहित 55 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर कर रखा है. दायर चार्जशीट में अनिल धीरूभाई अंबानी समूह (एडीएजी) के दो पूर्व वरिष्ठ अधिकारी, अभिताभ झुनझुनवाला और अमित बापन्ना का नाम शामिल है. इन्हें ईडी ने अप्रैल 2026 में गिरफ्तार किया था. इन दोनों को आरएचएफएल और आरसीएफएल से जुड़े मनी लांड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया गया था. यह मामला पीएमएलए के तहत दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग जांच से जुड़ा है, जिसकी नींव सीबीआई की प्राथमिकी पर आधारित है.

क्या है मामला?

ईडी के मुताबिक दोनों आरोपियों को अपराध की आय को छिपाने और उसे वैध दिखाने में भूमिका निभाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. झुनझुनवाला मार्च 2003 से सितंबर 2019 तक रिलायंस कैपिटल लिमिटेड के निदेशक थे, जो आरएचएफएल और आरसीएफएल की होल्डिंग कंपनी हैं. एक रेगुलेटरी फाइलिंग में, रिलायंस एडीए ग्रुप ने साफ किया कि मिस्टर झुनझुनवाला और मिस्टर बापना दोनों का पिछले सात सालों से ग्रुप से कोई लेना-देना है. इसमें कहा गया है, मीडिया के सवालों के आधार पर रिलायंस ग्रुप यह साफ करता है कि अमिताभ झुनझुनवाला ने सितंबर 2019 में यानी करीब सात साल पहले ग्रुप छोड़ दिया था. उसके बाद उनका ग्रुप से कोई संबंध नहीं रहा, जिसमें रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड और रिलायंस पवार लिमिटेड भी शामिल है.

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-भारत एक्सप्रेस



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