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ब्रिटिश अदालत ने हथियार डीलर संजय भंडारी को भारत प्रत्यर्पित करने से किया इनकार, ED की अर्जी पर सुनवाई

ईडी ने राऊज एवेन्यु कोर्ट को बताया कि ब्रिटिश अदालत ने संजय भंडारी को भारत प्रत्यर्पित करने से इनकार कर दिया है. अगली सुनवाई 26 मई को होगी। भंडारी के खिलाफ धनशोधन मामले की जांच जारी है.

Rouse Avenue Court

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने राऊज एवेन्यु कोर्ट को बताया कि एक ब्रिटिश अदालत ने हथियार डीलर संजय भंडारी को भारत प्रत्यर्पित करने से इनकार कर दिया है. वहां की हाई कोर्ट ने अपील को खारिज कर दिया है. ईडी ने राऊज एवेन्यु कोर्ट के विशेष न्यायाधीश नीलोफर आबिदा परवीन को दी, जो भंडारी व अन्य के खिलाफ धनशोधन के मामले से संबंधित सुनवाई कर रही है.

ईडी की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को यह भी बताया कि भंडारी को भगोड़ा घोषित करने की मांग करने वाली उसकी अर्जी एक अदालत में लंबित है. उसपर तीन मई को सुनवाई होनी है. अदालत ने इसके बाद ईडी की ओर से पेश वकील एन के माटा की दलीलों को अपने रिकॉर्ड पर लिया है.

याचिका पर 26 मई को होगी सुनवाई

कोर्ट 26 मई को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा.  भंडारी के वकील ने 19 अप्रैल को भगोड़ा घोषित करने की मांग का विरोध किया था और कहा था कि ब्रिटेन में वह कानून के तहत रह रहा है. लंदन हाई कोर्ट ने उसे भारत प्रत्यर्पित करने से मना कर दिया है. भंडारी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने यह भी कहा कि उनके मुवक्किल का ब्रिटेन में रहना पूरी तरह वैध है और भारत सरकार खुद यूके की अदालत के आदेश की अवहेलना नहीं कर सकती है.

भंडारी की ओर से पेश वकील ने यह भी कहा कि ईडी की याचिका फगिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स एक्ट की आवश्यक शर्ते पूरी नहीं करती. उन्होंने कहा कि इस कानून के तहत आरोपी को तभी भगोड़ा घोषित किया जा सकता है जब उस पर लगे आरोपों की राशि 100 करोड़ या उससे अधिक हो. लेकिन आयकर विभाग के दिल्ली हाई कोर्ट में खुद स्वीकार किया था कि संजय भंडारी के खिलाफ कथित कर चोरी और काले धन के आरोपों की राशि 100 करोड़ से कम है. भंडारी का नाम कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बहनोई रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ धन शोधन मामले में ईडी की जारी जांच में भी सामने आया है.

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-भारत एक्सप्रेस 



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