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दिल्ली में बुलडोजर एक्शन तय! शालीमार बाग में 143 मकानों पर चलेगा बुलडोजर

दिल्ली हाई कोर्ट ने शालीमार बाग गांव की मुख्य सड़क को चौड़ा करने के मामले में अहम फैसला सुनाते हुए 143 मकानों पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं. कोर्ट ने कहा है कि सार्वजनिक हित और यातायात सुगमता को देखते हुए सड़क को 30 मीटर चौड़ा करना जरूरी है.

Delhi High Court

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि अवैध रूप से सरकारी जमीन पर बने 143 मकानों को हटाया जाएगा, जिसमें 157 परिवार और लगभग 750 लोग रहते हैं. प्रभावित लोगों को 30 दिन का समय दिया गया है और सरकार को जरूरतमंदों को मुआवजा देने की छूट दी गई है. अदालत ने पाया कि कई मकान बिना वैध दस्तावेजों के सरकारी जमीन पर बने हैं, जिससे सड़क पर यातायात बाधित हो रहा था. चलिए जानते है पूरा मामला:

कोर्ट का सड़क को लेकर बड़ा फैसला

दिल्ली हाई कोर्ट ने शालीमार बाग गांव की मुख्य सड़क को चौड़ा करने को लेकर बड़ा फैसला दिया है. जहां एक ओर दिल्ली सरकार झुग्गियों को मान्यता दे रही है, वही दूसरी ओर अदालत ने 143 मकानों पर बुलडोजर की कार्रवाई करने का आदेश दिया है. इसमें 157 परिवार रहता है और 750 लोग रहते है. कोर्ट ने कहा है कि सरकार चाहे तो जरूरत मंद लोगों को सहानुभूति राशि दे सकती है.

अवैध निर्माण हटाने का निर्देश

कोर्ट ने अपने फैसले में स्पष्ट किया है कि सड़क को 30 मीटर चौड़ा करने के लिए अवैध रूप से बने निर्माण को हटाया जाए. कोर्ट ने जिन लोगों के मकानों पर बुलडोजर की कार्रवाई करने का आदेश दिया उन्हें मकान खाली करने के लिए 30 दिन का समय दिया है. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि सार्वजनिक हित और यातायात सुगमता को ध्यान में रखते हुए सड़क चौड़ीकरण जरूरी है.

कोर्ट का मकान मालिकों को आदेश

जस्टिस एम प्रतिभा सिंह और जस्टिस मधु जैन की पीठ ने कहा कि मकानों में रहने वाले लोगो और सरकार और निगम का पक्ष सुनने के बाद यह फैसला दिया जा रहा है. कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि मकान मालिकों द्वारा अदालत में वैध दस्तावेज पेश नहीं किया गया, जबकि दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) सहित अन्य सरकारी विभागों ने अदालत में यह साबित किया है कि यह मकान सरकारी जमीनों पर बने हुए है. यह मकान पांच से छह मंजिल तक बनी हुई है.

मकान बनाने वालों ने करीब 24 मीटर तक सरकारी जमीन को कब्जा किया है. हालात यह है कि इन गलियों से एम्बुलेंस, स्कूल बस तक नहीं निकल सकती है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हालात सुधारने और दिल्ली मास्टर प्लान 2021 के अनुपालन के लिए इस सड़क को 30 मीटर तक चौड़ा करना अनिवार्य है. इसी के मद्देनजर अवैध निर्माणों को हटाने के आदेश दिए है.

कई मीटर जमीनों पर अवैध कब्जा

अदालत ने अपने फैसले में यह भी कहा है कि यह अवैध निर्माण मैक्स रोड़, शालीमार बाग गांव (हैदरपुर गांव) की सड़क 320 पर किया गया है. यह मार्ग रिंग रोड से जुड़ता है और यातायात की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण है. कोर्ट ने बताया कि संबंधित क्षेत्र के जिला अधिकारी द्वारा किए गए सर्वेक्षण में 670 मीटर लंबे हिस्से में 143 मकानों की पहचान की गई है. मामले की सुनवाई के दौरान सरकार की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि प्रशासन ने इस मामले में लचीला रवैया अपनाया है.

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-भारत एक्सप्रेस

Written By: Shubhra Rai (Intern) 



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