दिल्ली की सभी जिला अदालतें आज, 14 मई को पूरी तरह बंद रहीं. वजह है जिला बार एसोसिएशन की कोऑर्डिनेशन कमेटी का ऐलान, जिसमें दिल्ली हाई कोर्ट के रवैये के खिलाफ एक दिन की हड़ताल और न्यायिक कार्यों से दूरी बनाने का निर्णय लिया गया.
आपात बैठक में हुआ फैसला
10 मई को हुई आपात बैठक में वकीलों ने यह कदम उठाने का मन बनाया. समिति का कहना है कि जिला अदालतों से जुड़े कई मुद्दों और वकीलों की लगातार अनदेखी के चलते यह विरोध जरूरी हो गया था.
वकीलों से एकजुट होने की अपील
कमेटी ने सर्कुलर जारी कर सभी अधिवक्ताओं से आंदोलन में शामिल होने की अपील की. नोटिस में साफ लिखा गया कि जिला अदालतों की बार एसोसिएशन की मांगों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा और बिना सलाह के फैसले लिए जा रहे हैं. इसी कारण न्यायिक कार्यों के बहिष्कार का रास्ता अपनाना पड़ा.
लंबे समय से उठ रही समस्याएं
बार एसोसिएशन का कहना है कि वकीलों और पक्षकारों की परेशानियों को कई बार सामने रखा गया, लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया. पटियाला हाउस कोर्ट की वकील गीतांजलि कुमारी ने बताया कि अभी तक जिला अदालतों में सिर्फ दो करोड़ रुपये तक की प्रॉपर्टी विवादों पर सुनवाई होती है.
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हाई कोर्ट में जाना पड़ता है
दो करोड़ से ज्यादा की प्रॉपर्टी से जुड़े मामले सीधे दिल्ली हाई कोर्ट में दाखिल होते हैं. इससे जिला अदालतों में सिविल मामलों की कमी रहती है और वकीलों को काम घटता है. वहीं, पक्षकारों को भी हाई कोर्ट तक जाना पड़ता है, जिससे उनका समय और पैसा दोनों ज्यादा खर्च होता है.
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-भारत एक्सप्रेस
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