पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) गुरुवार को कोलकाता हाई कोर्ट में एक अहम मामले की सुनवाई के दौरान खुद वकील के रूप में पेश हुईं. मामला हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के बाद हुई कथित हिंसा से जुड़ा है. इस पर सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल और जस्टिस पार्थ सारथी सेन की डिवीजन बेंच ने की.
किसने दायर की याचिका?
यह जनहित याचिका अधिवक्ता सिरसंज्ञा बनर्जी ने दाखिल की है. सिरसंज्ञा, वरिष्ठ वकील और तृणमूल कांग्रेस नेता कल्याण बनर्जी के बेटे हैं. उन्होंने हुगली जिले की उत्तरपाड़ा सीट से तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा था लेकिन बीजेपी उम्मीदवार दिपंजन चक्रवर्ती से दस हजार से ज्यादा वोटों से हार गए.
वकील के रूप में ममता का अंदाज
ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) कोर्ट में वकील की पारंपरिक पोशाक काला कोट और सफेद कॉलर-बैंड में पहुंचीं. इसके साथ उन्होंने अपनी पहचान वाली सफेद नीली किनारी वाली साड़ी भी पहनी. इस तरह उन्होंने पहली बार चुनाव बाद हिंसा से जुड़े मामले में बतौर अधिवक्ता दलीलें रखीं.
#WATCH कोलकाता: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और TMC प्रमुख ममता बनर्जी, वकीलों की तरह कपड़े पहनकर, चुनाव के बाद हुई हिंसा से जुड़े PIL मामले में मुख्य न्यायाधीश HC सुजॉय पाल के सामने पेश होने के लिए कलकत्ता हाई कोर्ट पहुंचीं। उम्मीद है कि वह मामले की कार्यवाही के कई पहलुओं… pic.twitter.com/sCSENxh9dK
— ANI_HindiNews (@AHindinews) May 14, 2026
सुप्रीम कोर्ट में भी दिखी थीं
इससे पहले इसी साल ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही में भी मौजूद रही थीं. वहाँ उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया से जुड़े मामले में मुख्य न्यायाधीश सुर्या कांत की बेंच के सामने संक्षिप्त रूप से अपनी बात रखी थी, लेकिन उस समय उन्होंने औपचारिक रूप से वकील की भूमिका नहीं निभाई थी.
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चुनावी हार और राजनीतिक झटका
हालिया विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को करारी हार मिली. खुद ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) भी दक्षिण कोलकाता की भवानीपुर सीट से बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी से पंद्रह हजार से ज्यादा वोटों से पराजित हुईं. नतीजों के बाद उन्होंने राज्यपाल आर.एन. रवि को इस्तीफा नहीं सौंपा और कहा कि परिणाम जनता की असली राय को नहीं दर्शाते. बाद में राज्यपाल ने विधानसभा भंग कर दिया, जिससे उनकी सरकार का कार्यकाल समाप्त हो गया.
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-भारत एक्सप्रेस
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