Bharat Express DD Free Dish

करोड़ों की धोखाधड़ी और लाल किला ब्लास्ट से जुड़ा मामला; अल फलाह के संस्थापक की जमानत याचिका पर कोर्ट का बड़ा कदम

Red Fort Blast Case: लाल किला ब्लास्ट मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसे अल फलाह यूनिवर्सिटी के संस्थापक जावेद अहमद सिद्दीकी की अंतरिम जमानत याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई पूरी हो गई है. कोर्ट अब 11 जुलाई को इस मामले पर अगली सुनवाई करेगा.

DELHI HIGH COURT
Edited by Shubhra Rai

Red Fort Blast Case: दिल्ली हाई कोर्ट लाल किला ब्लास्ट से जुड़े मामले में अल फलाह यूनिवर्सिटी के संस्थापक जावेद अहमद सिद्दीकी की ओर से दायर अंतरिम जमानत याचिका पर आज की सुनवाई पूरी हो गई है. कोर्ट अब 11 जुलाई को मामले में अगली सुनवाई करेगा. पिछली सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपना जवाब सौप दिया था.

अंतरिम जमानत का विरोध करते हुए खारिज

दायर अंतरिम जमानत याचिका में कहा गया है कि उनकी पत्नी को कैंसर है. जिनका ईलाज चल रहा है. लिहाजा उन्हें 6 सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत प्रदान किया जाए. जबकि ईडी की ओर से पेश स्पेशल वकील जोहेब हुसैन ने जमानत का विरोध करते हुए खारिज करने की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि यह याचिका सुनवाई योग्य नहीं है. लिहाजा इसे खारिज किया जाए. इससे पहले साकेत कोर्ट ने जावेद अहमद सिद्दीकी की ओर से दायर अंतरिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था. जिसके खिलाफ उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया है.

जावेद अहमद सिद्दीकी की पत्नी कैंसर के चौथे स्टेज से जूझ रही है. साकेत कोर्ट ने यह कहते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया था कि मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक उनकी हालत स्थिर है, और उनकी ऐसी स्थिति नहीं है कि वो अपनी दिनचर्या से जुड़ी काम खुद नहीं कर सकती. कोर्ट ने कहा था कि अगर मां-बाप बीमार पड़े तो बालिग बच्चों से ये उम्मीद की जाती है कि वो उनकी देखभाल करें. दाखिल चार्जशीट में अल फलाह यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष जवाद अहमद सिद्धिकी और अल फलाह चैरिटेबल ट्रस्ट को आरोपी बनाया गया है.

मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार

अल-फलाह ग्रुप के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी को ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में गिरफ्तार किया था. ईडी का आरोप है कि अल फलाह ट्रस्ट द्वारा संचालित शिक्षण संस्थानों ने बिना वैध मान्यता और मानक पूरे किए छात्रों को दाखिला देकर उनसे फीस वसूली.अपराध से प्राप्त धन का एक हिस्सा फरीदाबाद के धौज क्षेत्र में स्थित इस विश्वविद्यालय की इमारतें, स्कूलों, विभागों से संबंधित इमारतें और हॉस्टल को जब्त कर लिया गया है. सिद्धिकी पर करीब 415 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का मामला दर्ज है.

एनएएसी और यूजीसी मान्यता के दावा

सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया था कि छात्रों को आकर्षित करने के लिए फर्जी एनएएसी और यूजीसी मान्यता के दावा किया गया है. ईडी ने यूनिवर्सिटी द्वारा वसूले गए 415 करोड़ रुपए की फीस को अपराध से अर्जित धन बताया है. ईडी ने यह भी कहा था कि आरोपी सिद्धिकी पूरे वित्तीय संचालन को नियंत्रित करता था. वही बचाव पक्ष की ओर से पेश वकील ने दर्ज सभी एफआईआर को झूठा और मनगढ़ंत बताया था.

माना जा रहा है कि इन कंपनियों का इस्तेमाल फर्जी लेनदेन और हवाला कारोबार में किया गया. अल फलाह ट्रस्ट और उससे जुड़े संस्थानों का भी पूरा ब्यौरा खंगाला जा रहा है.

यह भी पढ़ें:  ED का महा-एक्शन: TMC के बैंक खातों पर चला चाबुक, करोड़ों रुपये अटके; मचा हड़कंप

-भारत एक्सप्रेस 



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read