दिल्ली हाईकोर्ट ने अभिनेत्री सेलिना जेटली (Actress Celina Jaitley) की ओर से दायर याचिका पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. कोर्ट 4 दिसंबर को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. जस्टिस सचिन दत्ता ने यह याचिका दायर किया है.
अनुच्छेद 226 के तहत रखी मांग
दायर याचिका में उन्होंने अपने भाई मेजर (सेवानिवृत्त) विक्रांत कुमार जेटली की संयुक्त अरब अमीरात में कथित हिरासत को लेकर याचिका दायर की है. सेलिना जेटली ने संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत अदालत के समक्ष यह मांग रखी है कि विदेश मंत्रालय की यह संवैधानिक और अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी है कि वह विदेशों में हिरासत में रखे गए भारतीय नागरिकों की रक्षा सुनिश्चित करें.
उन्होंने दायर याचिका में यह भी मांग की गई है कि विक्रांत जेटली को तत्काल प्रभावी कानूनी सहायता मुहैया कराई जाए. एमईए द्वारा विधिक खर्चो के लिए आर्थिक सहायता या सहयोग दिया जाए. सेलिना जेटली को अपने भाई.से सीधा और वास्तविक समय में संवाद करने की सुविधा दी जाए.
पारिवारिक अपडेट हो सुनिश्चित
जेटली ने दायर याचिका में यह भी कहा है कि चिकित्सकीय उपचार और मानवीय देखभाल के लिए त्वरित राजनयिक कदम उठाए जाएं. भारतीय दूतावास द्वारा नियमित कांसुलर निगरानी और पारिवारिक अपडेट सुनिश्चित किए जाए. यूएई अधिकारियों के साथ समन्वय कर अंतरराष्ट्रीय कानून और वियना कन्वेंशन ऑफ कांसुलर रिलेशंस के तहत उनके अधिकारों की रक्षा की जाए.
दायर याचिका में आगे कहा गया है कि सितंबर 2024 से अब तक परिवार ने भारतीय दूतावास, कांसुलेट और विदेश मंत्री को कई बार निवेदन भेजे हैं, लेकिन मेजर जेटली की स्थिति या कानूनी प्रक्रिया को लेकर कोई ठोस जानकारी नहीं दी गई है. सेलिना जेटली के आरोप है कि सरकार की निष्क्रियता संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 के तहत उनके भाई के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है और भारत का अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उसका संवैधानिक दायित्व है.
-भारत एक्सप्रेस
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