दिल्ली हाई कोर्ट ने सत्य निकेतन PG हादसे पर केंद्र, दिल्ली सरकार और MCD को नोटिस भेजा. (PC: भारत एक्सप्रेस)
Delhi High Court News: दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला पीजी इमारत गिरने के मामले में दायर जनहित याचिका पर केंद्र सरकार, दिल्ली सरकार, दिल्ली पुलिस, एमसीडी, दिल्ली विश्वविद्यालय को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. कोर्ट ने एनएचआरसी को भी नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने 25 सितंबर को मामले में अगली सुनवाई करेगा. मामले की सुनवाई के दौरान हादसे को बेहद दुखद बताया है. कोर्ट ने कहा इससे दुखद कुछ नहीं हो सकता.
कोर्ट ने पीजी और होस्टल की जांच के लिए अहम निर्देश दिया
कोर्ट ने कहा, पीड़ितों के माता-पिता की भावनाओं को समझा जा सकता है. कोर्ट ने कहा कि जिम्मेदारी से कोई नहीं बच सकता है. कोर्ट ने पीड़ितों के वीडियों को सोशल मीडिया पर शेयर करने पर नाराजगी जताई है. कोर्ट ने कहा वीडियो शेयर करना सही नहीं है. साथ ही कोर्ट ने भविष्य में ऐसे हादसे रोकने के लिए ठोस कदम उठाने को कहा है. मामले में सुनवाई के दौरान कोर्ट ने होस्टल व्यवस्था को लेकर कई सवाल किए.
कोर्ट ने एमसीडी से पूछा कि क्या होस्टल के लिए कोई नियम है. कोर्ट दिल्ली विश्वविद्यालय से पूछा कि कॉलेजों में बाहर के कितने छात्र पढ़ते है, यूनिवर्सिटी में कितने होस्टल है, उसमें कितने बच्चे रह सकते है. कोर्ट ने यूनिवर्सिटी और सरकार से रिपोर्ट तलब किया. कोर्ट ने पीजी और होस्टल की जांच के लिए अहम निर्देश दिया है.
कोर्ट ने पीजी और होस्टल की पूरी जानकारी देने को कहा
कोर्ट ने कहा कि फ्लैटों में भी छात्र रह रहे हैं, इसकी जानकारी कैसे मिलेगी. किराए के फ्लैट में पीजी चल रहा है या नहीं, इसकी जांच होनी चाहिए. कोर्ट ने पीजी और होस्टल की पूरी जानकारी देने को कहा है. दायर जनहित याचिका में मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है. यह याचिका विधि के छात्र अनिकेत कुमार गुप्ता की ओर से दायर की गई है. दायर जनहित याचिका में हादसे से प्रभावित छात्रों को तत्काल मेडिकल सुविधा और पुनर्वास उपलब्ध कराने, पीड़ितों को 1 करोड़ रुपए मुआवजा देने तथा असुरक्षित परिसरों में रह रहे छात्रों को सुरक्षित स्थानों पर भेजने की मांग की गई आई.
पुलिस गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है
दायर याचिका में घटना के परिणामस्वरूप दिव्यांग हुए छात्रों के लिए रोजगार सुरक्षा की भी मांग की गई है. वही दूसरी ओर बिल्डिंग के मालिक हरिओम बंसल के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी किया है. इससे पहले हरिओम के खिलाफ संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज किया गया था. अभी तक के जांच में पता चला है कि हरिओम बंसल की गुरुग्राम में 6-7 प्रॉपर्टी है और वहां भी पीजी एकोमोडेशन का काम करता है.
पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है. गुप्ता ने जनहित याचिका में कहा है कि प्रारंभिक रिपोर्ट से पता चलता है कि इमारत के ढहने से ठीक पहले उसमें कथित तौर पर मरम्मत या निर्माण संबंधी कार्य चल रहा था. याचिका के मुताबिक होस्टल डेज बॉयज पीजी नाम की इमारत सत्या निकेतन में स्थित था. यह इलाका दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के पास छात्रों के रहने के लिए प्रमुख केंद्र है. इमारत में बेसमेंट के.अलावा पांच मंजिल थी इसका इस्तेमाल छात्रावास के रूप में किया जा रहा था.
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-भारत एक्सप्रेस
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