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ब्रिटेन में रह रहे संजय भंडारी पर दिल्ली हाई कोर्ट का बड़ा झटका, ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ का फैसला बरकरार

दिल्ली हाई कोर्ट ने आर्म्स डीलर संजय भंडारी को बड़ा झटका देते हुए राऊज एवेन्यु कोर्ट के उस फैसले को बरकरार रखा है, जिसमें उन्हें ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ घोषित किया गया था.

दिल्ली हाई कोर्ट ने आर्म्स डीलर संजय भंडारी को झटका लगा है. राऊज एवेन्यु कोर्ट द्वारा संजय भंडारी को ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ घोषित करने के फैसले को बरकरार रखा है. साथ ही कोर्ट ने संजय भंडारी द्वारा टैग हटाने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है. जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने कहा कि दायर याचिका में मेरिट नही है, लिहाजा याचिका को खारिज किया जाता है.

दिल्ली के राऊज एवेन्यु कोर्ट ने पिछले साल प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से दायर याचिका पर ब्रिटेन में रह रहे आर्म्स डीलर संजय भंडारी को भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित किया है. संजय भंडारी के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मामला दर्ज है और वह 2016 में ब्रिटेन भाग गया था. उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी हुआ था. हालही में ब्रिटेन की अदालत ने उसके प्रत्यर्पण से संबंधित ईडी की याचिका को खारिज कर दिया था. आयकर विभाग ने उसके खिलाफ 2015 में मुकदमा दर्ज किया था, जिसके आधार पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के तहत मुकदमा दर्ज किया था. उस पर काला धन को विदेश भेजने, टैक्स की चोरी करने और रक्षा सौदों में रिश्वत लेने का आरोप है.

भंडारी को 2020 में ब्रिटेन पुलिस ने किया था गिरफ्तार

भंडारी को 2020 में ब्रिटेन की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था. भंडारी के वकील ने 19 अप्रैल को भगोड़ा घोषित करने की मांग का विरोध किया था और कहा था कि ब्रिटेन में वह कानून के तहत रह रहा है. लंदन हाई कोर्ट ने उसे भारत प्रत्यर्पित करने से मना कर दिया है. भंडारी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील मनिंदर सिंह ने यह भी कहा था कि उनके मुवक्किल का ब्रिटेन में रहना पूरी तरह वैध है और भारत सरकार यूके की अदालत के आदेश की अवहेलना नहीं कर सकती है.

ईडी और आयकर विभाग के बीच बहस हाईकोर्ट में पहुंची

भंडारी की ओर से पेश वकील ने यह भी कहा था कि ईडी की याचिका फगिटिव इकोनॉमिक ऑफेंडर्स एक्ट की आवश्यक शर्ते पूरी नहीं करती. उन्होंने कहा था कि इस कानून के तहत आरोपी को तभी भगोड़ा घोषित किया जा सकता है जब उस पर लगे आरोपों की राशि 100 करोड़ या उससे अधिक हो. लेकिन आयकर विभाग के दिल्ली हाई कोर्ट में खुद स्वीकार किया था कि संजय भंडारी के खिलाफ कथित कर चोरी और काले धन के आरोपों की राशि 100 करोड़ से कम है.

भंडारी का नाम कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बहनोई रॉबर्ट वाड्रा के खिलाफ धन शोधन मामले में ईडी की जारी जांच में भी सामने आया है.

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-भारत एक्सप्रेस



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