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हाईकोर्ट के जजों द्वारा ब्रेक लिए जाने की सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने समय में किया बदलाव

हाईकोर्ट द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अदालतें सुबह 10:30 बजे से शुरू होकर दोपहर 1:30 बजे तक चलेगी और एक घंटे के भोजनावकाश के बाद 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक बैठेगी.

delhi high court

हाईकोर्ट के जजों द्वारा बार-बार ब्रेक लेने को लेकर सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत द्वारा की गई टिप्पणी के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने अपना कार्य अवधि में 15 मिनट को बढ़ाते हुए जजों एवं कर्मचारियों के कार्य समय तथा भोजनावकाश के समय में बदलाव किया है. कोर्ट ने एक मामले की सुनवाई करते हुए 13 मई को टिप्पणी की थी, जिसके बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने यह फैसला लिया है. दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा इसको लेकर अधिसूचना भी जारी किया गया है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि हाई कोर्ट के जज अनावश्यक रूप से और बहुत बार ब्रेक ले रहे है. हाईकोर्ट द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार अदालतें सुबह 10:30 बजे से शुरू होकर दोपहर 1:30 बजे तक चलेगी और एक घंटे के भोजनावकाश के बाद 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक बैठेगी. प्रत्येक महीने का चौथा शनिवार कोर्ट के रजिस्ट्री के लिए कार्य दिवस होगा. पहले उस दिन अवकाश रहता था.

ऐसे जज भी हैं, जो बेवजह यह वह ब्रेक लेते हैं

पहले कोर्ट का समय पूर्वाह्न 10:30 बजे से दोपहर 1:15 बजे तक और अपराह्न 2:15 बजे से शाम 4:30 बजे तक था. दोपहर 1:15 बजे से 2:15 बजे तक भोजनावकाश होता था. सुप्रीम कोर्ट ने 13 मई को कहा था कि कुछ जज ऐसे हैं, जो बहुत मेहनत करते हैं. लेकिन साथ में ऐसे जज भी हैं, जो बेवजह कॉफी ब्रेक, यह ब्रेक या वह ब्रेक लेते हैं. लंच का समय क्या है? हम हाई कोर्ट के जजों के बारे में बहुत सारी शिकायतें सुन रहे हैं.

समय आ गया है कि जजों का प्रदर्शन ऑडिट करें

कोर्ट ने कहा था कि यह एक बड़ा मुद्दा है जिसपर गौर करने की जरूरत है. हाईकोर्ट के बारे में मिल रही बहुत सारी शिकायतें एक बड़ा मुद्दा है और इस पर गौर करने की जरूरत है. जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने यहां तक कहा था कि हाईकोर्ट के न्यायाधीशों का प्रदर्शन कैसा हैं? उन पर कितना खर्च कर रहे हैं और उसका आउटपुट क्या हैं? जस्टिस सूर्यकांत ने कहा था कि अब समय आ गया है कि हम प्रदर्शन ऑडिट करें.


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-भारत एक्सप्रेस



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