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अर्जुन कपूर के ‘पर्सनैलिटी राइट्स’ पर दिल्ली हाई कोर्ट की टिप्पणी- सोशल मीडिया के हर कंटेंट पर रोक नहीं संभव

AI के दौर में हस्तियों की निजता और पहचान की सुरक्षा एक बड़ी चुनौती बन गई है. बॉलीवुड अभिनेता अर्जुन कपूर ने अपनी पहचान के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए दिल्ली HC का दरवाजा खटखटाया. कोर्ट ने अभिव्यक्ति की आजादी और व्यक्तिगत अधिकारों के बीच संतुलन बनाने की बात कही है.

Delhi High Court
Edited by Shubhra Rai

 Delhi High Court: अर्जुन कपूर ने AI द्वारा वॉयस क्लोनिंग और हेरफेर किए गए अश्लील दृश्यों के खिलाफ सुरक्षा की मांग की है. दिल्ली हाई कोर्ट ने टिप्पणी की है कि सोशल मीडिया पर हर कंटेंट को तब तक प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता जब तक वह अपमानजनक न हो. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि व्यंग्य और समाचार रिपोर्टिंग जैसे क्षेत्रों को इससे बाहर रखा जाना चाहिए.

मामले की अगली सुनवाई 8 अक्टूबर को होगी.

8 अक्टूबर को अगली सुनवाई

दिल्ली हाई कोर्ट बॉलीवुड अभिनेता अर्जुन कपूर के व्यक्तित्व सुरक्षा की मांग वाली याचिका पर अंतरिम आदेश पारित करेगा. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि सार्वजनिक हस्तियों से संबंधित सभी सोशल मीडिया कंटेंट को प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता. जब तक कि वह अपमानजनक न हो.

हाई कोर्ट ने कहा आम आदमी व्यक्तित्व अधिकारों के लिए कोर्ट नहीं आता. जब कोई व्यक्ति सार्वजनिक सुर्खियों में होता है, तो बहुत कुछ होता है. हम समझ सकते हैं अगर बातें अपमानजनक या मानहानिकारक हों. लेकिन हर चीज इसके दायरे में नहीं आ सकती.

कोर्ट 8 अक्टूबर को मामले में अगली सुनवाई करेगा. अभिनेता अर्जुन कपूर ने एआई के दुरुपयोग और अश्लील कंटेंट के खिलाफ अपने व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए दायर की गई है.

व्यक्ति की गरिमा और निजता का भी हनन

अदालत ने कृत्रिम आवाज क्लोनिंग, हेरफेर किए गए दृश्य और अनधिकृत डिजिटल उत्पादों से संबंधित चिंताओं पर विचार किया है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया है कि इस तरह की नकलें न केवल प्रचार अधिकारों का उल्लंघन करती हैं, बल्कि व्यक्ति की गरिमा और निजता का भी हनन करती हैं.

साथ ही न्यायालय ने चेतावनी दी है कि व्यंग्य, कलात्मक अभिव्यक्ति, समाचार रिपोर्टिंग और टिप्पणी जैसे संवैधानिक रूप से संरक्षित क्षेत्र अप्रभावित रहने चाहिए.

कई अन्य अदालत का रुख कर चुके

एआई-आधारित और कमर्शियल कंटेंट में पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा का मतलब है, एक्टर या किसी भी सेलेब के नाम, आवाज, हाव-भाव, पहचान से जुड़ी चीजों का गलत तरह से इस्तेमाल पर रोक. इससे पहले कोर्ट ने क्रिकेटर गौतम गंभीर को याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी थी. पहले हाई कोर्ट कई बड़ी हस्तियों के फोटो और व्यक्तित्व से जुड़ी किसी बात का बिना अनुमति इस्तेमाल नहीं करने का आदेश दे चुकी है.

बता दें कि गौतम गंभीर से पहले फिल्म अभिनेत्री काजोल, विवेक ओबेरॉय, बाबा रामदेव, सलमान खान, अमिताभ बच्चन, जया बच्चन, अभिषेक बच्चन, ऐश्वर्या राय बच्चन, आराध्या बच्चन, जैकी श्रॉफ, अनिल कपूर, अजय देवगन, करण जौहर, रजनीकांत, गायिका आशा भोसले, अक्षय कुमार, सुनील शेट्टी, सिंगर कुमार, विराट कोहली सहित कई अन्य अदालत का रुख कर चुके है.

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-भारत एक्सप्रेस 



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