दिल्ली हाई कोर्ट गैंगेस्टर विकास दुबे की पत्नी ऋचा दुबे की ओर से दायर याचिका पर केंद्र सरकार, संबंधित ओटीटी प्लेटफॉर्म और वेब सीरीज निर्माता को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. जस्टिस सचिन दत्ता ने जारी किया है. कोर्ट 24 दिसंबर को सुनवाई करेगा. ऋचा दुबे ने याचिका दायर कर वेव सीरीज UP 77 को रिलीज पर रोक लगाने की मांग की है. यह सीरीज 25 दिसंबर को रिलीज होने जा रही हैं.
दायर याचिका में कहा गया है कि यह वेब सीरीज विकास दुबे के जीवन पर आधारित है. जिससे परिवार की निजता और प्रतिष्ठा को नुकसान पहुच सकता है. साथ ही बिना अनुमति के उनके जीवन की घटनाओं का व्यावसायिक इस्तेमाल किया जा रहा है. जो कानून गलत है. याचिका में कहा गया है कि विकास दुबे के बेटे अब भी अपने पिता की मौत के बाद भावनात्मक, सामाजिक और मानसिक दुष्परिणाम झेल रहे हैं और उन्होंने जानबूझकर सार्वजनिक नजरों से दूर रहना चुना है.
पत्नी का आरोप है कि सीरीज का चित्रण काल्पनिक, बढ़ा- चढ़ाकर और सनसनीखेज है, जिसका उद्देश्य केवल व्यावसायिक लाभ कमाना है.
याचिकाकर्ता कोआशंका है कि यह फिल्म उनकी गरिमा को स्थायी रूप से नुकसान पहुचाएगी, उन्हें और उनके बेटों को सार्वजनिक उपहास का शिकार बनाएगी. पुराने आधात को फिर से जीवित करेगी और उनकी सामाजिक स्थिति व सुरक्षा को खतरे में डाल सकती है.
वेब सीरीज में दिखेगी विकास दुबे की कहानी
गौरतलब है कि 8 पुलिसकर्मियों की हत्या करने वाले विकास दुबे का यूपी पुलिस ने 10 जुलाई को एनकाउंटर कर दिया था. इस वेब सीरीज के जरिये विकास दुबे की गैंगेस्टर बनने की कहानी को दिखाया जाएगा. बिकरु कांड के बाद यूपी एसटीएफ ने विकास दुबे समेत 6 बदमाशों को एनकाउंटर में मार गिराया था. इस मामले में36 आरोपी जेल में बंद है. बिकरु कांड के बाद तत्कालीन एसओ विनय तिवारी और दरोगा के के शर्मा पर मुखबिरी करने का आरोप लगे थे.
वही एसआईटी जांच में भी विनय तिवारी और दारोगा दोषी पाए गए थे. दोनों पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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