Delhi News: दिल्ली हाई कोर्ट ने IRS अधिकारी समीर वानखेड़े के प्रमोशन के मामले में बड़ा फैसला सुनाया है. जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस मधु जैन की पीठ ने कहा कि वह यूपीएससी की सिफारिश को सामने लाए. यदि वानखेड़े का नाम प्रमोशन के लिए सुझाया गया है, तो उन्हें उन्हें अतिरिक्त आयुक्त के पद पर पद्दोन्नति दी जाए. इसके साथ ही कोर्ट ने केंद्र सरकार की ओर से दायर याचिका को खारिज कर दिया है.
केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण के आदेश को बरकरार रखा और केंद्र सरकार को चार सप्ताह के भीतर निर्देश का पालन करने को कहा है. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आज की तारीख में कोई भी विभागीय कार्यवाही लंबित नहीं है, न ही कोई चार्जशीट दाखिल हुई है. केवल जांच लंबित होना पद्दोन्नति रोकने का आधार नहीं हो सकता. जबकि केंद्र सरकार की दलील थी कि समीर वानखेड़े के खिलाफ सीबीआई और ईडी की जांच चल रही है.
केवल जांच लंबित होना प्रमोशन रोकने का आधार नहीं
मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील ने कहा कि न्यायाधिकरण इस तथ्य को समझने में विफल रहा है कि वानखेड़े के खिलाफ सीबीआई और ईडी द्वारा मामले दर्ज किए गए थे और एक शिकायत भी प्राप्त हुई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने नौकरी पाने के लिए जाली जाती प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया था.
समीर वानखेड़े 2008 बैच के आईआरएस अधिकारी हैं, जो 2021 में एनसीबी मुंबई में तैनात थे. वे उस समय चर्चा में आए थे जब क्रूज ड्रग्स मामले में शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को फंसाने की धमकी देकर उनके परिवार से 25 करोड़ रुपए मांगने के आरोप लगे थे.
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-भारत एक्सप्रेस
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