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दिल्ली हाई कोर्ट ने DSGMC चुनाव के लिए नई फोटोयुक्त मतदाता सूची बनाने का आदेश दिया

दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी चुनाव से पहले फोटो सहित नई मतदाता सूची तैयार करने में हो रही देरी पर नाराज़गी जताई है और मुख्य सचिव को समयबद्ध कार्यक्रम सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है.

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दिल्ली हाई कोर्ट दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी चुनाव के लिए सिख मतदाताओं की फोटो वाली नई मतदान सूची तैयार करने का निर्देश दिया है. जस्टिस मिनी पुष्कर्णा ने अपने आदेश में कहा है कि अदालत के बार-बार निर्देशके बावजूद मतदान सूची तैयार करने की प्रक्रिया शुरु नही की गई है. कोर्ट ने कहा कि इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी. कोर्ट 20 मई को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा.

दिल्ली हाई कोर्ट ने हाल ही में दिए गए निर्देश में मुख्य सचिव को अगस्त में होने वाले गुरुद्वारा चुनाव से पहले नई मतदाता सूची तैयार करने केलिए समयबद्ध कार्यक्रम सुनिश्चित करने के लिए कहा है. गुरमीत सिंह शंटी और परमजीत सिंह खुराना द्वारा दायर याचिका में दिल्ली सिख गुरुद्वारा अधिनियम, 1971 द्वारा शासित चुनाव प्रणाली में आवश्यक सुधारों को लागू करने में विफलता के लिए तत्काल जवाबदेही की मांग की गई है.

43 साल पुरानी मतदाता सूची पर चुनाव कराने पर सवाल

जस्टिस ज्योति सिंह ने याचिकाकर्ताओं के वकील राजेंद्र छाबड़ा की दलीलें सुनने के बाद प्रतिवादियों को याचिकाकर्ताओं द्वारा उठाई गई शिकायतों को संबोधित करते हुए एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया. याचिकाकर्ताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि प्रतिवादियों को यह स्पष्ट करना चाहिए कि कई न्यायिक निर्देशों के बावजूद, डीएसजीएमसी चुनावों में 1983 की पुरानी और त्रुटिपूर्ण मतदाता सूचियों का उपयोग क्यों किया जा रहा है, जो 43 साल से भी अधिक पुरानी हैं.

याचिका में तर्क दिया गया है कि इन पुरानी भूमिकाओं पर निर्भरता सहित यह व्यवस्थित हेरफेर सिख समुदाय की वर्तमान जनसांख्यिकी को सटीक रूप से प्रतिबिंबित करने में विफल रहता है. यह 2010 से कानून द्वारा अपेक्षित फोटो के साथ अद्यतन मतदाता सूचियों के तत्काल निर्माण का आग्रह करता है, साथ ही दिल्ली की सिख आबादी के लिए उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए पारदर्शी परिसीमन प्रक्रिया भी करता है.

अगस्त 2025 में डीएसजीएमसी चुनाव निर्धारित होने के साथ, याचिकाकर्ताओं ने सिख समुदाय के अधिकारों को बनाए रखने में किसी भी और देरी को रोकने के लिए स्पष्ट और लागू करने योग्य समयसीमा की स्थापना का आह्वान किया है.

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-भारत एक्सप्रेस 



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