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2020 दिल्ली दंगे: शरजील इमाम की जमानत याचिका पर 9 जुलाई को सुनवाई करेगा दिल्ली हाई कोर्ट

दिल्ली हाई कोर्ट 9 जुलाई को शरजील इमाम की जमानत याचिका पर सुनवाई करेगा. साकेत कोर्ट ने शरजील को 2020 दंगों का सरगना बताया, हिंसा भड़काने के आरोप में कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया.

Sharjeel Imam

शरजील इमाम. (फाइल फोटो)

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) विरोधी प्रदर्शनों के दौरान फरवरी 2020 में भड़के दंगों के मामले में आरोपित शरजील इमाम की ओर से दायर जमानत याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट 9 जुलाई को सुनवाई करेगा.

जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस शालिन्दर कौर की पीठ को मामले में सुनवाई करनी थी, लेकिन अभियोजन पक्ष ने दलील रखने के लिए कोर्ट से समय की मांग की, जिसके बाद कोर्ट ने सुनवाई को 9 जुलाई तक के लिए टाल दिया. शरजील इमाम ने याचिका में साकेत कोर्ट द्वारा आरोप तय किए जाने को चुनौती दी है. निचली अदालत ने शरजील ईमाम सहित अन्य 11 लोगों के खिलाफ आरोप तय किया है. साकेत कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विशाल सिंह की अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि शरजील इमाम ने खुलेआम एक विशेष समुदाय के मन में क्रोध और घृणा पैदा करने की कोशिश की.

कोर्ट ने शरजील इमाम को के खिलाफ आरोप तय करते हुए हिंसा भड़काने का मुख्य सरगना बताया है. कोर्ट ने कहा था कि शरजील ने सिर्फ हिंसा नही भड़काई बल्कि वह सरगना है. कोर्ट ने कहा था कि पीएचडी स्कॉलर होने के चलते अपने समुदाय के अलावा अन्य समुदायों के उल्लेख करने से परहेज किया, लेकिन चक्का जाम के पीड़ित सभी समुदाय के लोग थे. उसने केवल एक समुदाय के लोगों को ही चक्का जाम के लिए भड़काया. आरोपी शरजील न केवल भड़काने वाला था, बल्कि वह हिंसा भड़काने की बड़ी साजिश का सरगना भी था.

कोर्ट शरजील इमाम के खिलाफ आईपीसी की धारा 109, 120B 153A, 143, 147, 148,149, 186, 353, 332,333,308, 427, 435, 323 341 सहित अन्य धाराओं के तहत आरोप तय किया है. जबकि आसिफ इकबाल तन्हा, आंशु खान और चंदन कुमार पर आईपीसी की धारा 109 के साथ-साथ 120B, 143, 147, 148, 149, 186, 353,ब332,333,308, 427,435,323, 341 सहित अन्य धाराओं के तहत आरोप तय किया है. वही कोर्ट ने जिन लोगों को बरी किया है उसमें शिफा-उर-रहमान, मोहम्मद आदिल, रुहूल अमीन, मोहम्मद जमाल, मोहम्मद उमर, मोहम्मद शाहिल, मूदस्सिर फहीम हासमी, मोहम्मद इमरान, साकिब खान, तंजील अहमद चौधरी, मोहम्मद इमरान, मुनीब मियां, सैफ सिद्दीकी, शाहनवाज और मोहम्मद यूसुफ शामिल है.

कोर्ट ने बचाव पक्ष के दलील को खारिज करते हुए कहा था कि आप ये नहीं कह सकते कि सार्वजनिक सड़कों पर भीड़ ने जो दंगा किया, वो शरजील इमाम के भाषण का परिणाम नही था और इन दंगों के लिए उसे आपराधिक दायित्व में नहीं डाल सकते.



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