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क्या बिना MLA-MP की सिफारिश के नहीं मिलेंगे ₹2500? दिल्ली लक्ष्मी योजना का मामला कोर्ट में अटका

Delhi Laxmi Yojana: दिल्ली लक्ष्मी योजना में ₹2,500 मासिक सहायता के लिए MLA या MP की सिफारिश अनिवार्य करने को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है. जानें पूरा मामला.

Delhi Laxmi Yojana

दिल्ली लक्ष्मी योजना का मामला हाईकोर्ट में

Edited by Sahil Singh

Delhi Laxmi Yojana: दिल्ली लक्ष्मी योजना में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को लाभ देने के लिए सांसद या विधायक की सिफारिश पत्र को अनिवार्य किए जाने के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है. याचिका में इस शर्त को चुनौती देते हुए इसे हटाने की मांग की गई है. मामले की सुनवाई जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच कर रही है.

विधायक या सांसद की लगेगी परमिशन?

याचिकाकर्ता का कहना है कि योजना की पात्र महिलाओं को पंजीकरण कराने और वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए किसी सांसद या विधायक की सिफारिश पर निर्भर करना उचित नहीं है. कई ऐसी पात्र महिलाएं हो सकती हैं, जिनके लिए अपने क्षेत्र के सांसद या विधायक से संपर्क करना आसान नहीं होगा. ऐसे में सिफारिश पत्र की अनिवार्यता योजना का लाभ लेने की प्रक्रिया को जटिल बना सकती है.

याचिका में यह भी दलील दी गई है कि इस शर्त के कारण समान रूप से पात्र महिलाओं के बीच असमानता की स्थिति पैदा हो सकती है. जिन महिलाओं को जनप्रतिनिधि की सिफारिश आसानी से मिल जाएगी, उन्हें योजना का लाभ लेने में अपेक्षाकृत कम परेशानी होगी, जबकि अन्य पात्र लाभार्थियों को अतिरिक्त बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है.

हाईकोर्ट ने किया सवाल

इससे पहले मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार से सवाल किया था कि योजना में सांसद या विधायक की सिफारिश पत्र को अनिवार्य करने के पीछे आखिर क्या वजह है और इस शर्त से सरकार कौन सा उद्देश्य हासिल करना चाहती है. कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि सांसद या विधायक की सिफारिश से अपने आप में कोई समस्या नहीं है, लेकिन इसके पीछे स्पष्ट और तार्किक कारण होना चाहिए. कोर्ट ने यह भी कहा था कि बिना तर्क वाली नीति मनमानी हो सकती है.


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9.13 लाख से अधिक महिलाओं ने कराया पंजीकरण

दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत अब तक 9,13,495 महिलाओं ने पंजीकरण कराया है. इनमें से 6,52,233 महिलाओं के अंतिम आवेदन जमा हो चुके हैं. योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की वित्तीय सहायता देने का प्रावधान है.

योजना में भुगतान के लिए दो विकल्प दिए गए हैं. पहले विकल्प में 1,500 रुपये आरडी या एफडी के रूप में बैंक खाते में जमा किए जाएंगे, जो 31 जुलाई 2029 तक लॉक-इन रहेंगे, जबकि 1,000 रुपये सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) वॉलेट में दिए जाएंगे. दूसरे विकल्प में लाभार्थी को पूरी 2,500 रुपये की राशि सीधे आरडी या एफडी खाते में प्राप्त होगी.

-भारत एक्सप्रेस



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