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सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली एनसीआर बिल्डर-बैंक गठजोड़ मामले में सीबीआई जांच का दिया आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने सुपरटेक लिमिटेड और अन्य बिल्डर्स पर घर खरीदारों को धोखा देने के आरोपों की जांच के लिए सीबीआई को आदेश दिया. कोर्ट ने कहा कि दोषियों को कहीं भी छिपने नहीं दिया जाएगा.

दिल्ली एनसीआर में बिल्डर-बैंकों के गठजोड़ के मामले की सुनवाई के दौरान एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कोर्ट को बताया कि सीबीआई की प्रारंभिक जांच पूरी हो चुकी है और यह संज्ञेय अपराध बनता है. जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस उज्ज्वल भुइयां और जस्टिस एनके सिंह की बेंच ने सीबीआई से मामला दर्ज कर जांच करने को कहा है. कोर्ट सीबीआई को मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, मोहाली और प्रयागराज सहित कई शहरों में घर खरीदारों को धोखा देने के लिए बैंक और बिल्डर के बीच सांठगांठ के मामले में छह और मामले दर्ज करने का आदेश दिया है.

कोर्ट ने एएसजी भाटी को एमिकस क्यूरी राजीव जैन के साथ साझा करने का निर्देश दिया है. सुप्रीम कोर्ट दिल्ली एनसीआर के 1200 से अधिक निवेशकों द्वारा दायर याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है. एमिकस क्यूरी की रिपोर्ट के मुताबिक सुपरटेक लिमिटेड को निवेशकों को धोखा देने में मुख्य अपराधी के रूप में पहचाना गया है जबकि अकेले कॉर्पोरेशन बैंक ने सबवेंशन स्कीम के तहत बिल्डरों को 2700 करोड़ रुपये से अधिक अग्रिम दिया था.

सुपरटेक की परियोजनाओं पर विशेष निगरानी

रिपोर्ट में कहा गया है कि सुपरटेक लिमिटेड ने 1998 से अब तक कुल 5157.86 करोड़ रुपये का ऋण प्राप्त किया है. पिछली सुनवाई में सीबीआई ने 6 मामलों की प्रारंभिक जांच कर यह रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंप दिया था. सीबीआई ने अपनी जांच के दौरान 1000 से अधिक लोगों से पूछताछ की है, 58 परियोजनाओं का निरीक्षण किया है. इसके अलावे बड़ी संख्या में मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच की है. सीबीआई जांच में यह भी सामने आया है कि पैसे की वसूली के लिए दवाब बनाया गया. पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने सीबीआई को निर्देश दिया था.

दायर याचिका में कहा गया है कि कुछ रियल एस्टेट कंपनियों और बैंकों के साथ मिलीभगत कर घर खरीदारों को अपनी परियोजनाओं के लिए कर्ज दिलाती हैं और प्रोजेक्ट कभी पूरे नहीं होते, ऐसी स्थिति में कर्ज लेकर आम आदमी फंस जाता है. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने सुपरटेक लिमिटेड के एनसीआर (नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गुरुग्राम सहित अन्य जगहों पर) में चल रहे प्रोजेक्ट्स की जांच का यह आदेश दिया था.

बिल्डर्स पर भी जांच का आदेश

वही कोर्ट ने दिल्ली एनसीआर के बाहर के बिल्डर्स को भी सीबीआई जांच का आदेश दिया था. इससे पहले कोर्ट ने बिल्डर बैंक गठजोड़ पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा था कि कोर्ट इसके तह तक जाएगा. कोर्ट ने कहा था कि वह निश्चित रूप से सीबीआई जांच कराएगा. कोर्ट ने कोर्ट की सहायता के लिए एमिकस क्यूरी नियुक्त किया था.

जस्टिस सूर्यकांत ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि हम किसी भी संस्थान को बुरा या अच्छा नहीं मानने जा रहे हैं. हम निश्चित रूप से सीबीआई जांच कराएंगे. हजारों लोग रो रहे है. हम सीबीआई को इस मामले में रिपोर्ट दाखिल करने को कहेंगे. कोर्ट ने कहा था हम इस मामले के तह तक जाएंगे. इस मुद्दे पर हमारा जीरो टॉलरेंस है. जो दोषी है, वो धरती के नीचे भी जा छिपे तो ढूंढ निकालेंगे.

कोर्ट ने कहा था हम उनके आंसू नहीं पोंछ सकते, लेकिन हम इस मुद्दों को सीबीआई से जांच कराएंगे.

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– भारत एक्सप्रेस



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