साकेत कोर्ट ने यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करने वाले भाजपा नेता सुरेश नखुआ को सही हलफनामा दाखिल करने के लिए अंतिम मौका दिया है. नखुआ द्वारा दायर हलफनामे में कई गलतियां थी, जिसके बाद जिला जज प्रीतम सिंह ने सुधारात्मक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है. इसके लिए नखुआ को पांच हजार रुपए खर्च अदा करना पड़ेगा.
मामले की सुनवाई के दौरान ध्रुव राठी की ओर से पेश वकील ने कहा कि नखुआ के अबतक के आचरण को देखते हुए दायर मानहानि की याचिका को खारिज कर देना चाहिए. पिछली सुनवाई में ध्रुव राठी के वकील ने कहा था कि याचिकाकर्ता का सार्वजनिक हस्तियों को गाली देने का इतिहास रहा है और वह अनुकूल आदेश पाने के लिए अदालत से धोखाधड़ी कर रहे हैं. भाजपा नेता ने राठी पर ‘गोदी यूट्यूबर्स को मेरा जवाब’ शीर्षक वाले वीडियो को लेकर मानहानि का मुकदमा दायर कर रखा है.
दोनों पक्षों की दलीलों से बढ़ा तनाव
राठी ने अपने जवाब में कुछ ट्वीट्स का हवाला दिया है, जिसमें नखुआ ने कथित तौर पर सोनिया गांधी, बरखा दत्त, सुहेल सेठ और अन्य लोगों के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया था. नखुआ का आरोप है कि ध्रुव राठी ने उन्हें हिंसक और गलीबाजी ट्रोल कहकर उनका अपमान किया. साकेत कोर्ट ने निर्देश दिया है कि ध्रुव राठी को स्पीड पोस्ट, कुरियर के अलावा इलेक्ट्रॉनिक मोड से भी समन भेजा जाए.
बता दें कि ध्रुव राठी ने 7 जुलाई 2024 को अपने युट्यूब चैनल पर माई रिप्लाई टू गोदी युट्यूबर्स/ एल्विश यादव/ ध्रुव राठी शीर्षक से एक वीडियो बनाई थी. जिसके बाद नखुआ ने ध्रुव राठी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है.
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-भारत एक्सप्रेस
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