प्रवर्तन निदेशालय
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली, करनाल और गोवा में 11 जगहों पर छापेमारी की है. ईडी ने यह कार्रवाई महेश टिम्बर प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े 155 करोड़ रुपए की हेराफेरी के मामले में अशोक मित्तल, सौरभ धींगड़ा, भारत भूषण मित्तल, रमन सिंघल और अन्य ठिकानों पर की है.
ईडी सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी यह कार्रवाई कर रही है. जिसमें महेश टिम्बर प्राइवेट लिमिटेड, उसके निदेशकों और अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है. आरोप है कि विदेशी लेटर ऑफ क्रेडिट की राशि को फर्जी तरीके से बढ़ाया गया. इसके लिए बैंकिंग सिस्टम में बिना अधिकृत अनुमति के SWIFT मैसेज में बदलाव किए गए, जबकि बैंक के फिनैकल सिस्टम में इसकी कोई एंट्री नहीं कि गई. इस धोखाधड़ी से ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स और अन्य कंसोर्टियम बैंकों को लगभग 155.21 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ. इस मामले में सबसे पहले सीबीआई ने एफआईआर दर्ज किया था.
सीबीआई ने महेश टिम्बर प्राइवेट लिमिटेड, उसके निदेशकों और अन्य लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी की धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की थी. इससे पहले ईडी ने दिल्ली और गोवा में 7 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी कर चुकी है. इस मामले में ईडी ने आम आदमी पार्टी के नेता दीपक सिंगला के कई ठिकानों पर भी छापेमारी की थी.
विदेशी कंपनियों में फंड ट्रांसफर के आरोपों ने जांच का दायरा बढ़ाया
दीपक सिंगला का नाम आम आदमी पार्टी के बड़े नेताओं में शुमार किया जाता है. इनका तार पंजाब सरकार के गिरफ्तार मंत्री संजीव अरोड़ा से जुड़े हुए है. संजीव अरोड़ा को पहले ही भ्रष्टाचार और वित्तीय गड़बड़ियों के मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है. इस मामले में आरोप है कि अशोक मित्तल कंपनी का प्रमुख डायरेक्टर था. उसकी कंपनी ने बैंकों से 21 करोड़ से लेकर 195 करोड़ रुपए तक का लेटर ऑफ क्रेडिट लिया हुआ था.
आरोप है कि मित्तल और उसी कंपनी ने फर्जी इम्पोर्ट बिलों के आधार पर बैंक की राशि को सिंगापुर स्थित अपनी दूसरी कंपनियों में ट्रांसफर किया.
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