नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कोर्ट द्वारा मांगे गए दोनों दस्तावेजों को अदालत को सौप दिया है.
कोर्ट ने ईडी को सोनिया गांधी, राहुल गांधी सहित अन्य को दोनों दस्तवेज़ों की कॉपी देने का निर्देश दिया है. राऊज एवेन्यु कोर्ट 16 सितंबर को इसपर सुनवाई करेगा.
कोर्ट ने सोनिया गांधी सहित अन्य से कहा कि ईडी द्वारा दिए गए दोनों दस्तवेज़ों को लेकर अगर किसी को सबमिशन दाखिल करना है तो अगली सुनवाई के पहले दाखिल कर दे. विशेष न्यायाधीश डॉक्टर विशाल गोगने को तय करना है कि ईडी द्वारा दाखिल चार्जशीट पर संज्ञान लिया जाए या नहीं.
पेश फाइलों के निरीक्षण बाद ईडी से पुछताछ
पिछली सुनवाई में कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पेश फाइलों का निरीक्षण के बाद दो दस्तवेज़ों के बारे में ईडी से पूछा था कि जो अभियोजन की शिकायत में दाखिल नहीं किए गए हैं. कोर्ट ने सुब्रमण्यम स्वामी की ओर से 4 जुलाई 2014 को ईडी के पास दर्ज की गई शिकायत की कॉपी और 30 जून 2021 को ईडी द्वारा दर्ज ईसीआर की कॉपी दाखिल करने का निर्देश दिया था.
इससे पहले कोर्ट ने जांच अधिकारी से पूछा था कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी का इस केस से क्या लेना देना है. कोर्ट ने 14 जुलाई को जिरह के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था. मामले की सुनवाई के दौरान ईडी का कहना था कि जिन लोगों ने कांग्रेस को दान दिया उनके साथ धोखाधड़ी की गई है.
यंग इंडियन संस्था मनी लॉन्ड्रिंग में संलिप्त
मामले की सुनवाई के दौरान ईडी ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा था कि कि यंग इंडियन संस्था मनी लॉन्ड्रिंग में संलिप्त है. ईडी की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस वी राजू ने कहा था कि जो भी यंग इंडियन को डोनेशन देता था, उसे चुनाव लड़ने के लिए टिकट दिया जाता था. ईडी की ओर से यह भी कहा गया था चैरिटी के नाम पर कुछ नही हुआ, चैरिटेबल कार्य कभी शुरू ही नही हुआ.
एएसजी एसवी राजू ने कहा था कि सिर्फ नाम के लिए यह संस्था चलाई गई. ईडी ने कहा था बिना कोई निवेश किए करोड़ों की संपत्ति पर कब्जा कर लिया गया. ईडी ने यह भी कहा था कि बिना एक रुपया लगाए 2000 करोड़ रुपए की संपत्ति पर कब्जा कर लिया गया.
उन्होंने यह भी कहा कि एजेएल के अधिग्रहण के लिए 50 लाख रुपए डोटेक्स नामक कंपनी से मिले थे.
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-भारत एक्सप्रेस
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