1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट के मामले में फांसी की सजा काट रहे फिरोज अब्दुल राशिद सहित अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 24 अप्रैल को अंतिम सुनवाई करेगा. जस्टिस विक्रम नाथ की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि मामले में काफी समय बीत गया है. अगली तारीख पर सुनवाई टालने के कोई आग्रह स्वीकार नहीं किया जाएगा.
क्या है मामला?
बता दें कि 12 मार्च 1993 को मुंबई में 12 जगहों पर सीरियल बम धमाके हुए थे, जिसमें 257 लोग मारे गए थे व 718 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे. इस मामले में टाडा कोर्ट ने ताहिर मर्चेंट और फिरोज अब्दुल राशिद खान को मौत की सजा सुनाई थी. मामले में अबु सलेम को उम्रकैद, जबकि पांचवें दोषी रियाज सिद्दीकी को 10 साल की सजा सुनाई गई थी. कोर्ट ने सितंबर 2006 में इस मामले में 100 आरोपियों को दोषी करार दिया था. वहीं, 23 आरोपियों को कोर्ट ने बरी कर दिया था.
मुख्य आरोपी दाऊद अब भी गिरफ्त से बाहर
मुंबई बम धमाकों में आरोपी मुस्तफा डोसा और अबु सलेम सहित रियाज सिद्दकी, करीमुल्ला खान, फिरोज अब्दुल राशिद, ताहिर मर्चेंट, अब्दुल कय्यूम के खिलाफ सीबीआई ने चार्जशीट दर्ज कर टाडा कोर्ट में मामला चलाया था. इन धमाकों के बाद अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम, टाइगर मेमन, अबू सलेम, मुस्तफा डौसा को फरार घोषित किया था. 30 जुलाई 2015 को मुंबई धमाकों के एक केस में याकूब मेमन को फांसी हुई थी. इन धमाकों के मुख्य आरोपी दाऊद इब्राहिम को अब तक गिरफ्तार नहीं किया जा सका है.
-भारत एक्सप्रेस
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