आपराधिक मामले में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को राऊज एवेन्यु कोर्ट से झटका लगा है. कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के नेता सोमनाथ भारती की पत्नी लिपिका मित्रा की ओर से दायर आपराधिक मानहानि मामले में सीतारमण की याचिका को खारिज कर दिया है.
पति-पत्नी कानून की नजर में अलग
दायर याचिका में निर्मला सीतारमण ने सोमनाथ भारती की पत्नी लिपिका मित्रा के मानहानि मामले में वकील बनने से रोकने की मांग की थी. अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पारस दलाल ने कहा कि पति-पत्नी कानून की नजर में अलग हैं. जबकि सीतारमन की दलील थी कि भारती को गवाह बनाया जा सकता है, जिससे हितों का टकराव होगा.
निर्मला सीतारमण की ओर से पेश वकील जोहेब हुसैन ने कहा कि सोमनाथ भारती लिपिका मित्रा के पति है और इस मामले में उनके छवि से जुड़ा हुआ मामला है.इसलिए वे गवाह के तौर पर पेश नही हो सकते है. उन्होंने कहा कि ऐसा करना बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों का उल्लंघन होगा. इसपर कोर्ट ने कहा कि वकील सबसे पहले कोर्ट का अधिकारी होता है, और अगर कोई वकील पेशेवर नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ बार काउंसिल ऑफ इंडिया या दिल्ली बार काउंसिल में शिकायत कर सकते हैं. कोर्ट एक नवंबर को मामले में अगली सुनवाई करेगा.
मानहानिकारक टिप्पणियां करने का आरोप
मित्रा ने सीतारमण के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराया है. उन्होंने सीतारमण पर प्रिंट व इलेक्ट्रानिक मीडिया में अपने खिलाफ अपमानजनक व मानहानिकारक टिप्पणियां करने का आरोप लगाया है. मित्रा ने कहा है कि सीतारमण ने यूट्यूब पर प्रकाशित एक प्रेस कांफ्रेंस में मानहानिकारक, झूठे और दुर्भावनापूर्ण बयान दिए हैं, जिसका प्रसारण 17 मई को रिपब्लिक टीवी और एनडीटीवी समाचार चैनलों पर किया गया था.
लिपिका मित्रा ने अपनी शिकायत में यह भी दावा किया है कि निर्मला सीतारमण ने जानबूझकर उनके और उनके पति के पुराने मेट्रोमोनियल विवाद का जिक्र किया लेकिन उन्होंने यह जानकारी छुपाया कि अब वह दोनों फिर से एक साथ रह रहे हैं, और उनका शादीशुदा जीवन सामान्य तौर पर चल रहा है. लिपिका ने यह भी कहा है कि वित्त मंत्री के बयान से उनके पति के साथ उन्हें व उनके दो नाबालिग बच्चों को भी अपूरणीय मानसिक पीड़ा हुई है.
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-भारत एक्सप्रेस
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