Bharat Express DD Free Dish

सुप्रीम कोर्ट के संविधान पीठ का बड़ा फैसला, अब न्यायिक अधिकारी भी बन सकेंगे अतिरिक्त जिला जज

सुप्रीम कोर्ट के संविधान पीठ ने एक ऐतिहासिक फैसला दिया है. सीजेआई बी आर गवई की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने अपने फैसले में कहा कि अब न्यायिक अधिकारी सीधे अतिरिक्त जिला जज बन सकते है.

Supreme Court
Edited by Vaibhav Gupta

सुप्रीम कोर्ट के संविधान पीठ ने एक ऐतिहासिक फैसला दिया है. सीजेआई बी आर गवई की अध्यक्षता वाली संविधान पीठ ने अपने फैसले में कहा कि अब न्यायिक अधिकारी सीधे अतिरिक्त जिला जज बन सकते है.

न्यायिक अधिकारी भर्ती परीक्षा में ले सकेंगे भाग

संविधान पीठ ने अनुच्छेद 233 (2) की व्याख्या करते हुए कहा कि जो न्यायिक अधिकारी पहले बार में सात साल वकालत कर चुके हैं, वे सीधे भर्ती की परीक्षा में भाग ले सकते है. संविधान पीठ ने यह भी कहा कि जिनके पास वकालत और न्यायिक सेवा का संयुक्त अनुभव सात साल या अधिक है वे भी इसके पात्र होंगे.

सीजेआई बी आर गवई, जस्टिस एम एम सुंदरेश, जस्टिस अरविंद कुमार, जस्टिस एस सी शर्मा और जस्टिस के विनोद चंद्रन शामिल थे. संविधान पीठ ने अपने फैसले में कहा है कि न्यायिक अधिकारी जिनके पास सात साल का संयुक्त अनुभव है, वे अब जिला जज पद के लिए आवेदन कर सकते है. पात्रता का निर्धारित आवेदन की तारीख पर किया जाएगा, न कि नियुक्ति के समय, सभी उम्मीदवारों चाहें वे वकील हों या न्यायिक अधिकारी के लिए न्यूनतम आयु 35 वर्ष तय की गई.

तीन महिनों में नियमों में हो संसोधन

संविधान पीठ ने सभी राज्य सरकारों और हाईकोर्ट्स को निर्देश दिया कि वे तीन महीने के भीतर अपने भर्ती नियमों में संशोधन करें. इसके अलावे संविधान पीठ ने कहा है कि यह फैसला भविष्य के लिए लागू होगा. पहले से पूरी हुई चयन प्रक्रियाओं पर इसका असर नहीं पड़ेगा.

बता दें कि संविधान पीठ ने अनुच्छेद 233 की व्याख्या पर विचार किया जो जिला जजों की नियुक्ति को नियंत्रण करता है. अनुच्छेद 233 में कहा गया है कि किसी भी राज्य में जिला न्यायधीशों के रूप में व्यक्तियों की नियुक्ति, तथा उनकी पदस्थापना एवं पद्दोन्नति, उस राज्य के संबंध में अधिकार क्षेत्र का इस्तेमाल करने वाले हाई कोर्ट के परामर्श से उस राज्य के राज्यपाल द्वारा की जाएगी.

ये भी पढ़ें: दिल्ली हाईकोर्ट ने खारिज की टीम इंडिया प्रस्तुति पर याचिका, बीसीसीआई को ‘भारतीय राष्ट्रीय क्रिकेट टीम’ दिखाना वैध

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read