पूर्व मंत्री महेश जोशी (Mahesh Joshi) को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है. कोर्ट ने जोशी को सशर्त जमानत दे दिया है. जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस एजी मसीह की पीठ ने यह आदेश दिया है.
979 करोड़ के घोटाले का आरोप
राजस्थान हाई कोर्ट ने 26 अगस्त को महेश जोशी को लेकर भी दायर जमानत याचिका को खारिज कर दिया है. इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में जमानत की गुहार लगाई थी. जोशी पिछले पांच महीने से जेल में बंद है. उनपर जल जीवन मिशन में 979 करोड़ के घोटाले का आरोप है.
इस मामले में जोशी को 24 अप्रैल को मनी लॉन्ड्रिंग के तहत गिरफ्तार किया गया था. सुनवाई के दौरान जोशी की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि एसीबी में दर्ज मूल केस में उनका नाम नहीं है. ईडी उनपर 2.01 करोड़ रुपए लेने का आरोप लगा रही है. लेकिन इसके कोई सबूत नहीं है.
घोटाले में तत्कालीन मंत्री का नाम शामिल
इसके अलावा महेश जोशी के बेटे की फॉर्म में 50 लाख रुपए के लेनदेन की बात ईडी की ओर से कही गई है. जबकि यह राशि उन्होंने लोन के तौर पर ली थी, जिसे वे लौटा चुके है. पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय 900 करोड़ रुपए का जल जीवन मिशन घोटाला हुआ था. गहलोत सरकार में डॉक्टर महेश जोशी जलदाय विभाग के कैबिनेट मंत्री थे.
इस घोटाले में तत्कालीन मंत्री का नाम भी सामने आया था. विभाग के इंजीनियर लाखों रुपए की रिश्वत लेते एसीबी के हाथों पकड़े गए थे, जिसके बाद घोटाले की परतें खुलती गई. एसीबी के बाद इस प्रकरण में ईडी की एंट्री हुई. ईडी ने जोशी को पूछताछ के लिए कई बार नोटिस जारी किया, लेकिन हर बार पेश नहीं हुए. जब जोशी पेश हुए उसके बाद ईडी ने गिरफ्तार कर लिया.
नौ जगहों पर पड़े छापे
बता दें कि जल जीवन मिशन के 900 करोड़ रुपए के घोटाले के मामले की जांच एसीबी, ईडी और सीबीआई भी कर रही है. इस मामले में ईडी ने 2023 सितंबर में जयपुर और अलवर में नौ जगहों पर छापे मारे थे. इस दौरान 2.50 लाख नकद, एक किलो सोने की ईट और करोड़ो की प्रॉपर्टी के कागजात और कुछ अधिकारियों के रिश्तेदारों के नाम से लेन देन से संबंधित दस्तावेज मिले थे.
ईडी ने महेश मित्तल, प्रॉपर्टी कारोबारी संजय बडाया, कल्याण सिंह कविया, विशाल सक्सेना, माया लाल सैनी, पद्म चंद जैन, तहसीलदार सुरेश शर्मा और अमिताभ कौशिक के यहां सर्च अभियान चलाया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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