दिल्ली हाईकोर्ट.
गैंगेस्टर हाशिम बाबा के खिलाफ एक मामले में ट्रायल कोर्ट द्वारा पारित आदेश को दिल्ली हाई कोर्ट ने रद्द कर दिया है. ट्रायल कोर्ट ने कहा था कि हाशिम बाबा और उसके गिरोह के खिलाफ मकोका के तहत प्राथमिकी गलत आधार पर की गई थी. साथ ही, ट्रायल कोर्ट ने मकोका के तहत हाशिम बाबा के सहयोगी असरार से पूछताछ की इजाजत देने से इन्कार कर दिया था.
दिल्ली पुलिस की याचिका पर हाई कोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट का आदेश गलत था. दिल्ली पुलिस ने आरोपित व्यक्तियों से पूछताछ की अनुमति देने से इन्कार करने वाले ट्रायल कोर्ट के आदेश को रद करने का अनुरोध किया था. दिल्ली पुलिस ने असरार से पूछताछ करने और उसे गिरफ्तार करने की अनुमति मांगी थी. उसे पहले ही जमानत पर रिहा किया जा चुका है.
असरार को पुलिस स्टेशन गोकुल पुरी में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम, 1999 की धारा-तीन के तहत हुई प्राथमिकी में आरोपित के रूप में नामित किया गया है. यह आवेदन आर्म्स एक्ट मामले में गिरफ्तारी के बाद असरार के न्यायिक हिरासत में होने के दौरान दायर किया गया था.
दिल्ली पुलिस ने तर्क दिया कि न्यायिक निष्कर्ष में असरार को गिरफ्तार करने और पूछताछ करने के उनके अनुरोध को अस्वीकार कर दिया गया है.
-भारत एक्सप्रेस
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