Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

क्रिकेटर श्रीसंत की चोट के मामले में बीमा कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

क्रिकेटर श्रीसंत की चोट के मामले में बीमा कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. याचिका में 82 लाख रुपये चुकाने के NCDRC के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है. कोर्ट ने बीमा कंपनी को दस्तावेज जमा करने के लिए समय दे दिया है.

S-Sreesanth-1
Edited by Vaibhav Gupta

क्रिकेटर श्रीसंत की चोट के मामले में बीमा कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. याचिका में 82 लाख रुपये चुकाने के NCDRC के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है.

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने बीमा कंपनी को अतिरिक्त दस्तावेज जमा करने के लिए समय दे दिया है. इनमें श्रीसंत का फिटनेस सर्टिफिकेट और बीमा लेने के लिए जमा कराए गए अर्जी शामिल है.

कंपनी ले सकती थी ज्यादा प्रीमियम

मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस मेहता ने पूछा कि क्या फिटनेस सर्टिफिकेट में श्रीसंत के पैर के उंगली में चोट के निशान से संबंधित इंजरी का खुलासा किया गया था? उन्होंने कहा कि अगर चोट खुलासा पहले ही कर दिया जाता, तो बीमा कंपनी या तो खिलाड़ी को कवर न करती या फिर ज्यादा प्रीमियम ले सकती थी.

बीमा कंपनी की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि विवादित आदेश में श्रीसंत के पैर के अंगूठे में पहले से लगी चोट के परिपेक्ष्य से इस.मुद्दे को देखा गया, जिसका घुटने की चोट से कोई संबंध नही है.

चोट के कारण श्रीसंत खेलने में अक्षम नहीं

मामले की सुनवाई के दौरान राजस्थान रॉयल्स की ओर से पेश वरिष्ठ वकील नीरज किशन कौल ने कहा कि पहले से लगी चोट के कारण श्रीसंत खेलने में अक्षम नहीं थे. असली कारण उनका घुटने की चोट था, जो 28 मार्च 2012 को जयपुर में अभ्यास मैच के दौरान लगी और उसी वजह से वे पूरे टूर्नामेंट से बाहर हो गए.

उन्होंने कहा कि चोट के बावजूद श्रीसंत खेल रहे थे. लेकिन घुटने की चोट अचानक प्रेक्टिश के दौरान लगी. पॉलिसी का उद्देश्य ही यही था कि अगर खिलाड़ी टूर्नामेंट के दौरान घायल होता है और खेलने लायक नहीं रहता तो टीम को उसके वेतन की भरपाई बीमा से मिले.

NCDRC के आदेश को दी चुनौती

यूनाइटेड इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड ने राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें कंपनी को राजस्थान रॉयल्स की मालिक कंपनी रॉयल मल्टीस्पोर्ट प्राइवेट लिमिटेड को 82 लाख रुपए से अधिक का भुगतान करने का निर्देश दिया गया था.

बीमा कंपनी का कहना है कि जब 2012 आईपीएल सीजन के लिए राजस्थान रॉयल्स ने स्पेशल कंटीजेंसी इंश्योरेंस-प्लेयर लॉस ऑफ फीस कवर पॉलिसी ली थी. तब श्रीसंत पहले से ही पैर की उंगली की चोट से जूझ रहे थे. बता दें कि राजस्थान रॉयल्स ने 2013 आईपीएल सीजन के लिए कुल 8.70 करोड़ रुपए की बीमा पॉलिसी ली थी.

28 मार्च 2012 को श्रीसंत अभ्यास मैच में घुटने की चोट का शिकार हुए और पूरे सीजन से बाहर हो गए.

ये भी पढ़ें: कार्टूनिस्ट हेमंत मालवीय को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital