Bharat Express DD Free Dish
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital
Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital

नकली दवा रैकेट मामले में गिरफ्तार हरियाणा कैडर के आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, CBI रिमांड बढ़ाने की मांग खारिज

नकली दवा रैकेट से जुड़े कथित 3 करोड़ रुपये की रिश्वत मामले में गिरफ्तार हरियाणा कैडर के आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत को राऊज एवेन्यू कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

नकली दवा रैकेट मामले में गिरफ्तार हरियाणा कैडर के आईपीएस अधिकारी दीपक गहलावत को राऊज एवेन्यु कोर्ट ने 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. 16 जुलाई को गहलावत को कोर्ट में पेश किया जाएगा. कोर्ट ने सीबीआई की उस मांग को खारिज कर दिया है, जिसमें सीबीआई रिमांड की अवधि को बढ़ाने की मांग की थी.

मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कहा कि उसे बड़ी साजिश का पर्दाफाश करने, धन स्रोत और उसके लाभार्थियों का पता लगाने के साथ-साथ अन्य सह आरोपियों के साथ उसका सामना करने की आवश्यकता है. इससे पहले कोर्ट ने सीबीआई की मांग पर एक दिन के लिए रिमांड पर भेज दिया था. गहलावत वर्तमान में दिल्ली में नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात है. उनपर रिश्वत लेने का आरोप है. सीबीआई के अनुसार गहलावत से जुड़े कई ठिकानों पर तलाशी ली गई और कई डिजिटल डिवाइस, हार्ड डिस्क और दस्तावेज जब्त किया है. सीबीआई ने नकली दवा बनाने वाले एक बड़े रैकेट की जांच से जुड़े तीन करोड़ रुपए की कथित रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया है.

गहलावत पर आरोप है कि उन्होंने रिश्वत के बदले अपने कथित प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए एजेंसी के अधिकारियों पर दबाव बनाने और पुडुचेरी के एक कारोबारी को सीबीआई की जांच में मनचाहा परिणाम दिलाने का भरोसा दिया था. इसके बदले उन्होंने कथित तौर पर तीन करोड़ रुपए की रिश्वत की मांग की थी. यह मामला सीबीआई द्वारा जून में चलाए गए एक अभियान से जुड़ा है.

इस अभियान के दौरान दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के निरीक्षक प्रदीप सिंह और कथित बिचौलिए राजकुमार को गिरफ्तार किया गया था. सीबीआई ने इस मामले में प्रदीप सिंह, राजकुमार और कारोबारी एन. राजा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज किया था. दरअसल यह मामला 5000 करोड़ रुपए के नकली दवा रैकेट और उसमें शामिल मुख्य आरोपी को राहत दिलाने से संबंधित है.

हवाला के जरिए दिल्ली पहुंचाई गई थी रिश्वत की रकम

इसी मामले में सीबीआई ने क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह और अन्य बिचौलियों को करीब एक करोड़ रुपए की अग्रिम रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया था. आरोप था कि पुडुचेरी के एक दवा कारोबारी (एन. राजा) ने अपने खिलाफ चल रही सीबीआई जांच में राहत पाने के लिए संपर्क किया था. जांच को प्रभावित करने के लिए कुल तीन करोड़ रुपए की डील हुई थी, जिसमें से एक करोड़ रुपए की रकम हवाला के जरिए दिल्ली लाई गई थी और इंस्पेक्टर को सौंपी जानी थी.

सीबीआई अधिकारियों का कहना है कि मामले में अभी जांच जारी है और इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही हैं.

यह भी पढ़ें: अदालती आदेश को हल्के में लेना पड़ा महंगा, नाबालिग बेटी के हक के लिए हाई कोर्ट ने लिया इंटरपोल का सहारा

भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital