दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार से को दिव्यांगों (पीडब्ल्यूडी) के लिए ओवर-द-टॉप (ओटीटी) प्लेटफॉर्म में एक्सेसिबिलिटी सुविधाओं को शामिल करने के लिए दिशा-निर्देश जारी करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया है. जस्टिस सचिन दत्ता ने यह निर्देश ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दृष्टिबाधित और श्रवण बाधित व्यक्तियों के लिए एक्सेसिबिलिटी सुविधाओं, ऑडियो विवरण, समान भाषा कैप्शनिंग और भारतीय सांकेतिक भाषा को शामिल करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है.
कोर्ट 17 जुलाई को करेगा अगली सुनवाई
कोर्ट 17 जुलाई को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. फिल्म निर्माताओं की ओर से पेश वकील ने कोर्ट से कहा था कि फिल्म विक्की विद्या का वायरल वीडियो में एक्सेसिबिलिटी सुविधाओं को शामिल करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं. अन्य फिल्म आर्टिकल 370 द बकिंधम मर्डर्स, भूल भुलैया 3 और शैतान के लिए भी इसी तरह के कदम उठाए जाएंगे.
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कोर्ट ने नेटफ्लिक्स को जवाब दाखिल करने को कहा
नेटफ्लिक्स के वकील ने कोर्ट को बताया कि वह फिल्मों के निर्माताओं के साथ समन्वय करेगा और सुनिश्चित करेगा कि एक्सेसिबिलिटी सुविधाओं को शामिल किया जाए. कोर्ट इस मुद्दे पर नेटफ्लिक्स को जवाब दाखिल करने को कहा है. नेटफ्लिक्स को चार सप्ताह में जवाब देना हैं. कोर्ट ने फिल्म निर्माता स्त्री दो और औरो मैं कहां दम था को पार्टियों की सूची से हटाने का निर्देश दिया, क्योंकि निर्माताओं ने कहा कि उन्होने एक्सेसिबिलिटी सुविधाओं को शामिल करने के निर्देश का अनुपालन किया है.
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