नई दिल्ली: ठग सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. सोमवार को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में जैकलीन की उस अर्जी पर सुनवाई हुई, जिसमें उन्होंने सरकारी गवाह (Approver) बनने की इच्छा जताई थी. हालांकि, प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने जैकलीन की इस मांग का कड़ा विरोध किया है.
ईडी ने मांगा समय, अब 8 मई को होगी सुनवाई
अदालत में ईडी ने जैकलीन के आवेदन को ‘अस्पष्ट’ बताया. जांच एजेंसी ने कहा कि उन्हें जैकलीन द्वारा दिए गए विवरणों की गहराई से जांच करने के लिए और समय चाहिए. विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा ने ईडी की दलील को स्वीकार करते हुए उन्हें जवाब दाखिल करने की मोहलत दे दी है. अब इस मामले की अगली सुनवाई 8 मई को होगी.
क्या है पूरा मामला?
जैकलीन फर्नांडीज पर आरोप है कि उन्होंने सुकेश चंद्रशेखर द्वारा की गई 200 करोड़ रुपये की जबरन वसूली से लाभ उठाया है. यह पैसा फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से ठगा गया था. सुकेश ने खुद को सरकारी अधिकारी बताकर अदिति को झांसा दिया था कि वह उनके पति को जेल से बाहर निकलवा देगा. दिल्ली पुलिस और ईडी का दावा है कि इस काली कमाई का एक बड़ा हिस्सा जैकलीन पर खर्च किया गया था.
जैकलीन का पक्ष: ‘मैं खुद पीड़ित हूं’
दूसरी ओर, जैकलीन फर्नांडीज लगातार खुद को निर्दोष बता रही हैं. उन्होंने कोर्ट में दलील दी है कि वह सुकेश की साजिश का शिकार हुई हैं और उन्होंने ब्लैक मनी को व्हाइट करने में कोई भूमिका नहीं निभाई है. इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने जैकलीन की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर और चार्जशीट को रद्द करने की मांग की थी.
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