सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपए की ठगी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में आरोपी फिल्म अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज की ओर से दायर अर्जी का प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पटियाला हाउस कोर्ट में विरोध किया है. कोर्ट ने ईडी को जवाब दाखिल करने के लिए समय दे दिया है. कोर्ट 12 मई को सुनवाई करेगा. दायर अर्जी में जैकलीन ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सरकारी गवाह बनने की मांग की है.
ईडी का आरोप- ‘जैकलीन ने नहीं किया सहयोग’
मामले की सुनवाई के दौरान ईडी ने कहा कि फर्नांडीज ने जांच के दौरान सहयोग नहीं किया. साथ ही ईडी ने कहा कि जैकलीन का आचरण संतोषजनक नहीं था. जैकलीन पीएमएलए की धारा 50 के तहत दर्ज अपने बयानों में बार-बार पूरी और सच्ची जानकारी देने में विफल रहीं. ईडी ने यह भी कहा कि सुकेश के आपराधिक इतिहास को जानते हुए भी जैकलीन ने उससे नियमित और निरंतर संपर्क बनाए रखा और उन्हें प्राप्त सभी लाभ, उपहार और सामान अपराध की आय से प्राप्त किए गए थे. जैकलीन ने सरकारी गवाह बनने की मांग की है.
खुद को पीड़ित बता चुकी हैं जैकलीन
इससे पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने जैकलीन फर्नांडीज की उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें उनके खिलाफ दायर एफआईआर और चार्जशीट को रद्द करने की मांग की गई थी. याचिका में कहा गया था कि ईडी द्वारा दायर किए गए सबूत साबित करेंगे कि वह सुकेश चंद्रशेखर से पीड़ित हैं. जैकलीन फर्नांडीज ने दावा किया था कि गलत तरीके से कमाए गए ब्लैक मनी को व्हाइट करने में उन्होंने कोई भूमिका अदा नहीं की है.
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क्या है 200 करोड़ की जबरन वसूली का मामला?
फर्नांडीज पर फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रमोटर शिविंदर सिंह की पत्नी अदिति सिंह से 200 करोड़ रुपये की कथित जबरन वसूली से लाभ पाने का आरोप है. बता दें कि अक्टूबर 2019 में शिविंदर सिंह को रेलिगेयर फिनवेस्ट लिमिटेड में धन के कथित दुरुपयोग से संबंधित एक मामले में गिरफ्तार किया गया था. सुकेश चंद्रशेखर ने कथित तौर पर खुद को केंद्र सरकार का अधिकारी बताकर अदिति सिंह को शिविंदर सिंह को जमानत दिलाने का वादा करने के बाद पैसे का भुगतान करने के लिए राजी कर लिया था.
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