कपिल मिश्रा
दिल्ली के कानून मंत्री कपिल मिश्रा को आचार संहिता उल्लंघन के मामले में बड़ा झटका लगा है. सत्र अदालत ने उनकी पुनर्विचार याचिका को खारिज कर दिया है. यह याचिका कपिल मिश्रा ने मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा जारी समन को चुनौती देते हुए दायर की थी.
राऊज एवेन्यू कोर्ट की मजिस्ट्रेट अदालत ने इस मामले में दाखिल आरोप पत्र पर संज्ञान लेते हुए कपिल मिश्रा को समन जारी किया था. इसके खिलाफ उन्होंने सत्र अदालत का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन वहां से भी उन्हें राहत नहीं मिली.
आचार संहिता का किया था उल्लंघन
यह मामला वर्ष 2020 में हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव के दौरान कथित रूप से आचार संहिता के उल्लंघन से जुड़ा हुआ है. उस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने कपिल मिश्रा को मॉडल टाउन सीट से उम्मीदवार बनाया था. हालांकि, हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में उन्होंने करावल नगर सीट से जीत हासिल कर विधायक बने हैं.
गौरतलब है कि कपिल मिश्रा पहले आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता थे और 2015 में अरविंद केजरीवाल सरकार में मंत्री भी रहे थे. लेकिन बाद में उनका आम आदमी पार्टी से अलगाव हो गया और उन्होंने भाजपा का दामन थाम लिया.
-भारत एक्सप्रेस
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