कलकत्ता हाई कोर्ट
Kolkata High Court Hearing: कोलकाता हाई कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस के बैंक फ्रीज करने के मामले में दायर याचिका पर 8 जुलाई को सुनवाई करेगा. हाई कोर्ट ने टीएमसी के सभी बैंक खातों की कुल राशि से संबंधित जानकारी 7 जुलाई तक देने को कहा है. साथ ही कोर्ट ने जांच एजेंसी द्वारा प्राप्त सामग्री को भी तलब किया है.
टीएमसी के तीन बैंक अकाउंट फ्रीज करने पर उठे सवाल
मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने टीएमसी के तीन बैंक अकाउंट फ्रीज करने में दिखाई गई जल्दबाजी पर भी सवाल उठाया है. कोर्ट ने स्पष्ट किया कि फिलहाल उसके सामने यह सवाल नहीं है कि दर्ज आपराधिक मामला सही है या गलत, बल्कि यह देखना है कि जांच लंबित रहने के दौरान बैंक खातों पर लेन देन पर रोक जारी रखना उचित और न्यायसंगत है या नहीं.
तीन बैंक खातों पर रोक लगाई
मामले की सुनवाई के दौरान टीएमसी की ओर से पेश वकील ने दलील देते हुए कहा कि राजनीतिक दल के बैंक खातों को बिना किसी ठोस कारण और अष्पष्ट आरोपों पर फ्रीज किया गया है. उन्होंने दलील देते हुए कहा कि पुलिस ने पहले पार्टी के तीन बैंक खातों पर रोक लगाई और बाद में पांच अन्य खातों को भी फ्रीज कर दिया. इससे पार्टी के सभी वित्तीय लेन-देन पूरी तरह से ठप हो गए और उसका नियमित कामकाज गंभीर रूप से प्रभावित हुआ.
440 करोड़ रुपए की निकासी पर रोक
बता दें कि बागी विधायकों की शिकायत पर करीब 440 करोड़ रुपए की निकासी पर रोक लगा दी गई है. वागी विधयकों ने पैसों की स्रोत की जांच की मांग की थी. जिसके बाद यह कार्रवाई की गई ऋतब्रत बनर्जी गुट ने पार्टी के लेन देन में गड़बड़ी का आरोप लगाया है. एक रिपोर्ट के मुताबिक प्राइवेट सेक्टर के एक बैंक में रखे गए इन तीन खातों पर डेबिट फ्रीज लगा दिया गया है. इसका मतलब यह हुआ कि इन खातों से पैसे निकाले या बाहर ट्रांसफर नही किया जा सकता है. लेकिन इन खातों में पैसा जमा किया जा सकता है.
टीएमसी के बैंक खाते से लेन देन रोकने का अनुरोध
इससे पहले राज्य के पूर्व मंत्री अरूप विश्वास ने पार्टी के कोषाध्यक्ष के तौर पर संबंधित बैंक खातों को पत्र लिख कर टीएमसी के बैंक खाते से लेन देन रोकने का अनुरोध किया था. खाते में करीब 675 करोड़ रुपए जमा हैं. अरूप ने पत्र में लिखा था कि पार्टी के भीतर विभिन्न गुट खुद को वैध नेतृत्व और अधिकृत पदाधिकारी बता रहे है.
अब साइबर पुलिस मामले की जांच कर रही है और अन्य खातों की भी पड़ताल कर रही है. जांचकर्ताओं से यह पता लगाने का आग्रह किया गया है कि क्या ये धनराशि वैध स्रोतों से हासिल की गई है या कथित अवैध गतिविधियों, जैसें सार्वजनिक धन के दुरुपयोग और घोटालों से अर्जित की गई है.
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-भारत एक्सप्रेस
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